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वास्तु अनुसार तिजोरी रखने का सर्वोत्तम स्थान



घर या व्यापारिक प्रतिष्ठान में तिजोरी केवल धन एवं मूल्यवान वस्तुओं की सुरक्षा का साधन नहीं है, बल्कि वास्तु शास्त्र में इसे समृद्धि, धन संचय और आर्थिक स्थिरता का महत्वपूर्ण प्रतीक माना गया है। वास्तु विशेषज्ञों के अनुसार तिजोरी का उचित स्थान और दिशा आर्थिक उन्नति तथा सकारात्मक ऊर्जा के लिए लाभकारी मानी जाती है।


देवता मंडल के अनुसार शुभ स्थान

वास्तु शास्त्र में तिजोरी रखने के लिए निम्न स्थानों को शुभ माना गया है।


उत्तर दिशा

- सोम क्षेत्र

- वल्लाट क्षेत्र

- मुख्य क्षेत्र

- भूदर क्षेत्र


पूर्व दिशा

- जयंत क्षेत्र

- अर्यमा क्षेत्र


पश्चिम दिशा

- पुष्पदंत क्षेत्र

- वरुण क्षेत्र


दक्षिण दिशा

- गृहक्षत क्षेत्र

- इन्द्र क्षेत्र

- इन्द्रजय क्षेत्र

- मृग क्षेत्र


तिजोरी रखने के महत्वपूर्ण नियम

- तिजोरी का मुख मुख्य रूप से उत्तर या पूर्व दिशा की ओर होना चाहिए।

- तिजोरी को दीवार से कुछ दूरी पर रखें, जिससे ऊर्जा का प्रवाह बना रहे।

- तिजोरी के आसपास स्वच्छ एवं व्यवस्थित वातावरण बनाए रखें।

- इसके निकट कूड़ा-कचरा, टूटे-फूटे सामान या अनावश्यक वस्तुएँ न रखें।

- तिजोरी में दवाइयाँ, विवाद संबंधी दस्तावेज अथवा नकारात्मक ऊर्जा से जुड़ी वस्तुएँ रखने से बचें।

- तिजोरी का दरवाज़ा उत्तर या पूर्व दिशा की ओर खुलना शुभ माना जाता है।


दक्षिण-पश्चिम दिशा का विशेष महत्व

वास्तु शास्त्र के अनुसार घर या कार्यालय के दक्षिण-पश्चिम (नैऋत्य) भाग में भारी तिजोरी रखना विशेष रूप से शुभ माना जाता है। यह दिशा स्थिरता और धन संचय का प्रतीक मानी जाती है। तिजोरी को इस प्रकार स्थापित करना चाहिए कि उसका दरवाज़ा उत्तर दिशा की ओर खुले। मान्यता है कि इससे धन के देवता कुबेर की सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त होती है।


क्या करें और क्या न करें


करें

- तिजोरी को मजबूत आधार या लकड़ी के प्लेटफॉर्म पर रखें।

- नियमित रूप से तिजोरी की सफाई करें।

- नकदी, आभूषण और महत्वपूर्ण दस्तावेज सुव्यवस्थित ढंग से रखें।

- तिजोरी के भीतर श्री यंत्र अथवा माता लक्ष्मी का प्रतीक स्थापित किया जा सकता है।


न करें

- तिजोरी को उत्तर-पूर्व (ईशान) कोण में न रखें।

- तिजोरी को सीढ़ियों के नीचे न रखें।

- शौचालय या बाथरूम की दीवार से सटाकर न रखें।

- बीम के नीचे तिजोरी रखने से बचें।

- टूटी या खराब तिजोरी का उपयोग न करें।


निष्कर्ष

वास्तु शास्त्र के अनुसार तिजोरी का उचित स्थान, दिशा और रखरखाव आर्थिक समृद्धि तथा सकारात्मक वातावरण का प्रतीक माना जाता है। यद्यपि इन मान्यताओं का वैज्ञानिक आधार प्रमाणित नहीं है, फिर भी भारतीय परंपरा और सांस्कृतिक विश्वासों में इनका विशेष महत्व है। उचित दिशा, स्वच्छता और सुव्यवस्थित रखरखाव के साथ तिजोरी की स्थापना से मानसिक संतोष और सकारात्मकता का प्रभाव बना रहता है।

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