अरुणा अगरवाल
गणराज्य दिवस की पूर्व संध्या पर असम में एक अच्छी खबर आयी। असम की संतान तथा सेना के लेफ्टिनेंट जनरल राणा प्रताप कलिता को भारतीय सेना की ईस्टर्न कमांडो के जीओसी-इन-चीफ नियुक्त किया गया है। वह इस पद को संभालने वाले उत्तर पूर्व के पहले सेना अधिकारी है। उल्लेखनीय है कि इससे पहले, राणा प्रताप कलिता को भारतीय सेना के मेजर जनरल से लेफ्टिनेंट जनरल के पद पर पदोन्नत किया गया था। भारतीय सेना के ईस्टर्न कमांडो के नव नियुक्त जीओसी-इन-चीफ को पहली बार 1984 में 9वीं कुमाऊं रेजिमेंट में तैनात किया गया था। उन्होंने 15 कोर्पस ब्रिगेडियर के पद के साथ श्रीनगर में 19वें इन्फैंट्री डिवीजन की कमान संभाली। इसके अलावा उन्होंने 13वीं आर आर बटालियन और लखनऊ में 71वीं इन्फैंट्री ब्रिगेड का भी नेतृत्व किया। उन्होंने सेना मुख्यालय में विभिन्न विभागीय और सलाहकार पदों पर भी कार्य किया। कलिता को सशस्त्र बलों में उनकी उत्कृष्ट सेवा के लिए जनरल राणा प्रताप कलिता को सेवा मेडल, अति विशिष्ट सेवा मेडल सम्मान से सम्मानित किया गया है। सेना अधिकारी का घर कामरूप जिले के रंगिया में है। सैनिक स्कूल, गोवालपारा के पूर्व छात्र कलिता राष्ट्रीय रक्षा अकादमी और भारतीय मिलिटरी अकादमी, देहरादून के पूर्व छात्र भी हैं।







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