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असम की बेटी ने हुला हूपिंग में बनाया दोहरा "गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड"

 


गुवाहाटी। असम की महज 10 वर्षीय बिटिया आराध्या धानुका ने विश्व के सबसे बड़े रिकॉर्ड "गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड" में अपना नाम दर्ज करा कर समूचे असम का ही नहीं बल्कि विश्व पटल पर भारत का नाम गौरवान्वित किया है। गुवाहाटी निवासी स्वाति-डॉ. घनश्याम दास धानुका की बेटी और कुसुम-डॉ. अशोक कुमार धानुका की पोती आराध्या धानुका का नाम एक बार नहीं बल्कि दो बार गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज किया गया है। 


आराध्या ने 90 डिग्री के कोण पर एक हाथ के चारों ओर 21 मिनट और 2 सेकंड तक हुला हूपिंग करके यह उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की, जो अमेरिका की विहा गेडिया द्वारा बनाए गए रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया है। 


वही आराध्या ने दूसरा रिकॉर्ड 4 मिनट और 2 सेकंड तक अपनी गर्दन के चारों ओर एक साथ 3 हुला हूप घुमा कर यह अभिलेख रच डाला।


जानकारों का कहना है की संभवत इस क्षेत्र से 10 वर्ष से कम आयु वाली श्रेणी में किसी भी व्यक्तिगत द्वारा दोहरा रिकॉर्ड बनाने का यह कार्य पहली बार हुआ है।


जानकारी के अनुसार ये रिकॉर्ड 19 मई, 2024 को गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के कड़े दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए आधिकारिक गवाहों की मौजूदगी में बनाए गए थे, जिसका औपचारिक रूप से प्रशस्ति पत्र हाल ही में मिला। आराध्या की असाधारण उपलब्धि उनके अटूट समर्पण, अथक परिश्रम और हुला हूपिंग के प्रति उनके जुनून का प्रमाण करता है।


आराध्या पिछले कई महीनों से हुला हूपिंग के अपने हुनर को निखार रही हैं और अपनी असाधारण प्रतिभा के लिए पहले ही पहचान बना चुकी हैं। इससे पहले भी आराध्या के नाम कई रिकॉर्ड हैं, जिनमें सात राज्य रिकॉर्ड, तीन राष्ट्रीय रिकॉर्ड और तीन विश्व रिकॉर्ड शामिल हैं, इसके अलावा आराध्या को खेलों में मानद डॉक्टरेट की उपाधि भी मिल चुकी है।


आराध्या ने कहा की मैं गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में असम से अपना नाम दर्ज करवाकर बेहद खुश और सम्मानित महसूस कर रही हूँ। असम के मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत विश्व शर्मा मेरे प्रेरक रहे हैं। 13 अप्रैल 2023 को सबसे बड़े बिहू नृत्य प्रदर्शन और लोक संगीतकारों द्वारा वाद्ययंत्रों के साथ सबसे बड़े प्रदर्शन के लिए राज्य के लिए गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड हासिल करने के बाद, मेरी भी यही इच्छा थी कि मैं भी अपने नाम एक रिकॉर्ड दर्ज करवाऊँ। यहीं से मुझे प्रेरणा मिली और मैं दूसरों को भी अपने जुनून को आगे बढ़ाने और अपने सपनों को कभी न छोड़ने के लिए प्रेरित करना चाहती हूँ।


आराध्या की उपलब्धि की एक उल्लेखनीय उपलब्धि के रूप में सराहना की गई है, जिसके लिए गणमान्य व्यक्तियों और नागरिकों ने समान रूप से बधाई दी है। आराध्या के रिकॉर्ड तोड़ने वाले प्रदर्शन ने असम राज्य को बहुत गौरवान्वित किया है और वह पूरे देश के लिए प्रेरणा का स्रोत है।


आराध्या सभी समुदायों, आयु वर्ग और सभी भारतीयों में इस खेल को बढ़ावा देना चाहती हैं क्योंकि आराध्या का दृढ़ विश्वास है कि हुला हूप के कई स्वास्थ्य लाभ हैं और प्रत्येक भारतीय को इसमें महारत हासिल करनी चाहिए। वह हाल ही में संपन्न हुए स्वतंत्रता दिवस समारोह पर महात्मा गांधी बुनियाद विद्यालय के वंचित बच्चों को यह कौशल सिखाने की यात्रा पर पहले ही निकल चुकी हैं। हुला हूप करते समय आराध्या की मुस्कुराहट उसके जुनून और दृढ़ संकल्प को दर्शाती है, जो उसके देश भारत को गौरवान्वित करने और हुला हूप को भारत में एक पहचान योग्य खेल बनाने के सपने को साकार करती है।

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