गुवाहाटी. विश्व प्रसिद्ध आध्यात्मिक आयोजन अंबुबासी महायोग को वृहद और सुचारू रूप से संपन्न करने के लिए असम पर्यटन विभाग, कामरूप मेट्रो जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन ने कमर कस ली है। यह आध्यात्मिक महायोग 22 जून से प्रारंभ होकर 25 जून तक कामाख्या मंदिर में मनाया जाएगा। जिसमें देश-विदेश के लाखों साधक, साधु सन्यासी, तांत्रिक, अघोरी और भक्तगण भाग लेंगे। इस आयोजन को सुचारू,सुरक्षित और पवित्र बनाए रखने के लिए राज्य पर्यटन विभाग समेत सभी संबंधित विभागों ने कमर कसकर सारी तैयारी कर ली है। नीलांचल पर्वत स्थित राज्य पर्यटन विभाग के प्रशांति लॉज में अंबुवासी महायोग परिचालन समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक में कामरूप मेट्रो जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन, कामाख्या मंदिर प्रबंधन समिती ओर दौले समाज के प्रतिनिधि उपस्थित थे। कामाख्या मंदिर के बरदौले कविंद्र प्रसाद शर्मा ने बताया कि 22 जून दोपहर 2:56 से प्रवृत्ति शुरू होगी। इसके बाद मंदिर के कपाट बंद कर दिए जाएंगे। 23- 24 और 25 जून को मंदिर के कपाट बंद रहेंगे। 26 जून की सुबह 3 बजे निवृत्ति के बाद मंदिर भक्तों के लिए फिर से खोल दिया जाएगा। गुवाहाटी महानगर पुलिस ने सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन के लिए 10 दिशा निर्देश जारी किए हैं। 22 से 25 जून के बीच भक्त सुबह 5:00 बजे से शाम 6:00 बजे तक ही नीलांचल पहाड़ी पर जा सकेंगे। इस अवधि में निजी वाहनों को अनुमति नहीं होगी। केवल विशेष फेरी वहां आवश्यक सेवा कर्मियों के लिए उपलब्ध होंगी। बुजुर्गों और शिशुओं को भारी बारिश और भीड़ की चलते मंदिर में नही आने की सलाह दी गई है। पांडु कामाख्या मार्ग आम जनता और वीआईपी के लिए पूरी तरह बंद रहेगा। केवल आपातकालीन सेवाओं के लिए खुला रहेगा। कोई वीआईपी व वीवीआईपी दर्शन की सुविधा नहीं होगी। सभी को सामान्य कतार प्रक्रिया से दर्शन करने होंगे। मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्र में तेज संगीत, शोरगुल और सांस्कृतिक प्रदर्शन वर्जित होंगे। 26 जून को दर्शन के लिए सभी भक्तों को बंसी बागान ग्राउंड में एकत्र होना होगा। जहां से स्वयंसेवक उन्हें कतारबद्ध तरीके से मंदिर तक ले जाएंगे। कामाख्या द्वारा से आगे जूते चप्पल पहनने की अनुमति नहीं होगी। गुवाहाटी यातायात पुलिस मंदिर क्षेत्र में ट्रैफिक मोड और प्रतिबंध लागू करेगी। भक्तों को समय-समय पर जारी ट्रैफिक सूचना का पालन करना होगा। किसी भी आपात स्थिति में नागरिक 112 नंबर पर संपर्क कर सकते हैं। वही गुवाहाटी पुलिस और मंदिर प्रशासन ने जनता से अपील की है कि वह इस पवित्र आयोजन को शांति अनुशासन और आध्यात्मिक गरिमा को बनाए रखें। आयोजन की सफलता के लिए नागरिकों, स्वयंसेवकों, उच्च यात्रियों से पूर्ण सहयोग की अपेक्षा की गई है। बैठक में कामरूप मेट्रो के जिला आयुक्त सुमित सत्तावन, आयुक्त पार्थ सारथी महंत और होरु दौले हिमाद्री प्रसाद शर्मा समेत कई प्रमुख अधिकारी उपस्थित रहे। अंबुबासी को लेकर पर्यटन मंत्री रंजीत दास ने आज कामाख्या जंक्शन व नीलांचल पहाड़ के साथ अन्य इलाकों का जायजा लिया वह समीक्षा बैठक की। उल्लेखनीय है कि अंबुबासी महायोग को मां कामाख्या का राजस्वला योग माना जाता है। तीन दिवसीय यह महायोग का समय नीलांचल पहाड़ी पर तांत्रिक साधना के लिए सबसे उत्तम और पवित्र समय माना जाता है। अतः लाखों की तादाद में तांत्रिक, साधक और अघोरी इस दौरान नीलांचल पहाड़ी की गुफाओं में बैठकर अपने तंत्र साधना करते हैं। भूतनाथ श्मशान घाट मे अघोरी बाबाओ की अर्द्ध रात्री मे आयोजित तांत्रिक क्रिया साधना को देखने के लिए भी कई भक्त वहां उपस्थित रहते हैं। इस अवसर पर देश और विदेशों से प्राय 10 लाख की संख्या में साधक और भक्त का आगमन होता है। जिनके भोजन और आवास की सुविधा के लिए नगर में विभिन्न धार्मिक संगठनों के भंडारे व आवास सुविधा 24 घंटे उपलब्ध रहती है।
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तंत्र साधना का पवित्र संगम: अंबुबासी महायोग के लिए कमर कस चुका गुवाहाटी
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