AIUDF प्रमुख और नगांव लोकसभा उपचुनाव के उम्मीदवार बदरुद्दीन अजमल ने अपनी पार्टी की संभावनाओं पर मजबूत भरोसा जताते हुए दावा किया है कि आगामी चुनाव में अकेले AIUDF को 75 प्रतिशत से अधिक वोट मिलेंगे।
मोरीगांव में अपने प्रचार के दौरान मीडिया से बात करते हुए अजमल ने दावा किया कि विपक्षी दलों को मिलाकर लगभग 25 प्रतिशत वोटों तक ही सीमित रहना पड़ेगा।
अजमल ने उन आरोपों को भी खारिज किया कि AIUDF धर्म के आधार पर राजनीति कर रही है और अपने आलोचकों को चुनौती दी।
उन्होंने कहा, "पूरे प्रचार के दौरान मैंने एक दिन भी धर्म की बात नहीं की। मेरी खुली चुनौती है कि अगर कोई साबित कर दे कि मैंने धर्म के आधार पर राजनीति की है, तो मैं तुरंत राजनीति छोड़ दूंगा।"
'लोग बिरयानी के लिए जाते हैं, खिचड़ी के लिए'
प्रतिद्वंद्वी दलों की रैलियों में जुटी भीड़ पर तंज कसते हुए अजमल ने आरोप लगाया कि लोग खाने और अन्य लाभों के लिए ऐसी सभाओं में जा रहे हैं, लेकिन मतदान के दिन AIUDF को वोट देंगे।
उन्होंने दावा किया कि लोग प्रतिद्वंद्वी दलों की सभाओं में पैसे लेने या बिरयानी और खिचड़ी खाने के लिए जा रहे हैं, लेकिन जब वे वोट डालेंगे तो अंततः AIUDF का समर्थन करेंगे।
कांग्रेस सांसद और असम कांग्रेस अध्यक्ष गौरव गोगोई के बारे में पूछे जाने पर अजमल ने भी तीखी प्रतिक्रिया दी, सवाल को खारिज कर दिया और उनसे जुड़े दावों को भी खारिज किया।
AIUDF प्रमुख ने नगांव लोकसभा उपचुनाव जीतने को लेकर बार-बार भरोसा जताया है। प्रचार के दौरान पहले भी उन्होंने कहा था कि AIUDF जीत हासिल करेगी और उन्होंने बीजेपी और कांग्रेस दोनों पर निशाना साधा था।
नगांव लोकसभा उपचुनाव 6 अक्टूबर को होना है। अजमल बीजेपी नीत NDA उम्मीदवार देबाशीष शर्मा और कांग्रेस उम्मीदवार सिबामोनी बोरा समेत अन्य के खिलाफ चुनाव लड़ रहे हैं।









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