गाय-भैंस के दूध के अलावा बकरी, ऊंटनी, गधी और भेड़ का दूध भी कई बीमारियों में रामबाण साबित हो सकता है। इनके दूध में ए-टू बीटा-कैसिन प्रोटीन पाया जाता है, जो पाचक होता है और इसमें फैट की मात्रा भी बहुत कम होती है।
शोध बताते हैं कि गधी का दूध त्वचा रोगों में और ऊंटनी का दूध मानसिक संबंधी बीमारियों में कारगर होता है। केंद्रीय बकरी अनुसंधान संस्थान के निदेशक मनीष कुमार चेटली के मुताबिक, मां के दूध के बाद बकरी के दूध में सर्वोत्तम पाचन क्षमता होती है।
सरकार अब पोषण क्रांति पर जोर दे रही है। इन दूधों की बिक्री के लिए विशेष कीमत निर्धारित करने और पालन के लिए विशेष योजना लागू करने की मांग की जा रही है। यह कदम ग्रामीण अर्थव्यवस्था और पोषण सुरक्षा दोनों के लिए फायदेमंद हो सकता है।









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