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तीन दिवसीय अपने अपने राम का समापन सत्र में दिसंबर में पुनः आयोजन की घोषणा

 


गुवाहाटी। मारवाड़ी युवा मंच गुवाहाटी ग्रेटर का कार्यक्रम अपने-अपने राम का आज भव्य समापन हुआ। रामकथा के वैज्ञानिक और तार्किक विश्लेषण को सुनने तथा ऐतिहासिक एवं भव्य कार्यक्रम को देखने के लिए समाज के सभी आयु वर्ग के लोग उत्साह, उत्सुकता एवं प्रसन्नता के साथ कार्यक्रम में सम्मिलित हुए।


इस कार्यक्रम की सफलता और जनता में दोबारा इस ऊर्जा सत्र को सुनने की उत्सुकता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि वृहतर मारवाड़ी समाज की तरफ से विजय सिंह डागा ने इस वर्ष 18 दिसंबर से पांच दिवसीय इस ऊर्जा सत्र को फिर से आयोजित करने का अनुरोध डॉ. कुमार से किया। समाज के अनुरोध को कुमार विश्वास ने स्वीकारते हुए घोषणा किया कि हम आज इस सत्र का समापन नहीं करते हुए इसे दिसंबर तक के लिए स्थगित करते हैं। इस घोषणा पर जनता में खुशी की लहर दौड़ गई और उन्होंने जय श्री राम के नारे लगाकर इसका स्वागत किया। इस सत्र की व्यवस्था से प्रभावित होकर वृहत्तर मारवाड़ी समाज ने आगामी सत्र की व्यवस्था की जिम्मेदारी भी मारवाड़ी युवा मंच गुवाहाटी ग्रेटर शाखा को सौंपी है।


इस तीन दिवसीय कार्यक्रम की सफल एवं सुचारु व्यवस्था के लिए शाखाध्यक्ष राम भट्टड़ , सचिव हितेश चोपड़ा, कोषाध्यक्ष रवि सुरेका, कार्यक्रम के चेयरमैन राहुल अग्रवाल, को - चेयरमैन मनीष अग्रवाल, स्वागताध्यक्ष रितेश खटेड़, स्वागत मंत्री पंकज भूरा समेत 100 से अधिक युवाओं की टीम दिन-रात कार्यक्रम स्थल पर जुटी रही। चैनरूप जैन, संजय खेतावत, ललिता जैन , संजय मोजिका, रितेश खटेड और शाखाध्यक्ष युवा राम भट्टड ने दीप प्रज्वलित कर किया।


युग वक्ता डॉ कुमार विश्वास का आनंद पोद्दार, विकाश सोनी, प्रदीप भड़ेच , पंकज जालान, चिराग अग्रवाल और शाखा सचिव हितेश चोपड़ा ने फूलाम गोमचा, शॉल, राम मंदिर का स्मृति चिन्ह, चांदी की फ्रेम और शाखा गतिविधियों की पुस्तक प्रदान कर स्वागत व अभिनंदन किया। 


कुमार विश्वास ने आज अपने वक्तव्य में कहा कि भाई, पुत्र, मित्र या राजा किसी भी रूप में राम का मिलना दुर्लभ है। कुमार जी ने अपने कुछ श्रोताओं के प्रश्नों के बहुत ही सुन्दर एवं तार्किक उत्तर दिये जिससे जनता मंत्रमुग्ध हो गई । कुमार जी ने राम को धैर्य का प्रतीक, हनुमान को ज्ञान का प्रतीक और सीता को शांति का प्रतीक बताया और कहा कि जब भी ज्ञान शांति की शरण में जाएगा धैर्य वहां जरूर आएगा। उन्होंने आगे कहा कि जो स्त्री राम को वासना की दृष्टि से देखती है उसे शूर्पणखा की तरह हमेशा उपहास सहना पड़ता है और जो भावना से देखती है वह सदा माता सबरी की तरह पूजी जाती है। 


आज दर्शकों से खचाखच भरे पंडाल में असम के महामहिम राज्यपाल श गुलाब चंद कटारिया के अलावा डिप्टी स्पीकर मूमल मोमीन आम जनता के बीच डॉ कुमार को सुनने के लिए अग्रिम पंक्ति में मौजूद थे। सत्र के बाद भव्य आरती का आयोजन किया गया। आरती के समय लोगों ने अपने मोबाइल की टॉर्च की रोशनी जलाकर दिवाली जैसी रोशनी का अहसास कराया।

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