सेंकी अग्रवाल
गोरेश्वर, 29 दिसंबर। असम सरकार के चाय जनजाति और आदिवासी श्रमिक कल्याण विभाग के मंत्री रूपेश ग्वाला ने आज तामुलपुर जिले के जिला आयुक्त कार्यालय के सभा कक्ष में एक समीक्षा बैठक में मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया। जिला आयुक्त पंकज चक्रवर्ती की उपस्थिति में आयोजित इस बैठक में मंत्री ने जिले की दोनों चाय बागान, अर्थात मेनका और नाग्रीजुली चाय बागान के श्रमिकों की विभिन्न कमी और शिकायतों की जानकारी ली। विशेष रूप से लोक निर्माण, स्वास्थ्य, शिक्षा, खाद्य, पंचायत और ग्राम विकास, समाज कल्याण, खेल आदि विभागों के विषयों पर बातचीत करते हुए विभिन्न कमी और शिकायतों के समाधान का आश्वासन दिया। उन्होंने केवल बागान के श्रमिकों के लिए नहीं, बल्कि अन्य श्रमिकों के विकास के लिए भी आगामी माघ बिहू से पहले श्रम आयुक्त के उपस्थिति में एक बैठक बुलाने के लिए जिला प्रशासन को आह्वान किया। साथ ही उन्होंने कहा कि निर्माण श्रमिकों के कल्याण के लिए एक बोर्ड है, जिसमें अपना नाम पंजीकरण कराने के बाद सरकार की ओर से पर्याप्त सहायता प्राप्त होती है। लेकिन श्रमिक अपनी अज्ञानता के कारण नाम पंजीकरण नहीं करते। उन्होंने उन्हें नाम पंजीकरण के लिए आह्नान किया।"उचित लोग यदि सुविधाओं से वंचित रह जाते हैं तो संगठन या किसी व्यक्ति को सहायता करनी चाहिए। तब हम जनता की समस्याओं के समाधान के लिए रास्ता खोज पाएंगे।उक्त बातें मंत्री ने सभा में कही। आज की समीक्षा बैठक में मंत्री रूपेश गोयल और जिला आयुक्त पंकज चक्रवर्ती के अलावा श्रम आयुक्त अनंत लाल ज्ञानी,अतिरिक्त जिला आयुक्त डॉ. दीपांकर नाथ, जोंटी डेका, सहायक आयुक्त कविता फांगश, आसा-आटसा आदि चाय जनजातीय संगठन के सदस्य और विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।








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