गुवाहाटी। श्री मारवाड़ी हिंदी पुस्तकालय द्वारा आयोजित विमोचन समारोह में लेखिका ऋचा मिश्र की प्रथम पुस्तक ‘रीइंजीनियर योर लाइफ’ का लोकार्पण 14 दिसंबर को कमला पोद्दार सभागार में अत्यंत गरिमामय वातावरण में सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ किया गया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि डॉ. सुनीता अग्रवाल, विशिष्ट अतिथि डॉ. प्रदीप जैन, श्री मारवाड़ी हिंदी पुस्तकालय ट्रस्ट के चेयरमैन आनंद पोद्दार, श्री मारवाड़ी हिंदी पुस्तकालय के अध्यक्ष विनोद रिंगानिया तथा पुस्तक की लेखिका ऋचा मिश्र मंचासीन रहे। इन सभी गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति में मंच पर गठित विशेष मंच से कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ किया गया, जिसके साथ ही समारोह औपचारिक रूप से आरंभ हुआ।
पुस्तक विमोचन के अवसर पर मंच पर पुस्तकालय के पूर्व अध्यक्ष रवि अजीतसरिया, पूर्व अध्यक्ष अनिल जैना एवं संपत मिश्र मौजूद रहे।
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि सुनीता अग्रवाल ने पुस्तक को सरल और सहज भाषा में लिखी गई एक प्रभावी कृति बताया। उन्होंने कहा कि पुस्तक के विचार व्यावहारिक हैं और पाठकों को आसानी से आत्मसात होते हैं। विशिष्ट अतिथि डॉ. प्रदीप जैन ने भी पुस्तक के प्रमुख बिंदुओं पर प्रभावशाली ढंग से प्रकाश डाला। उन्होंने अपने अनुभव की शैली में पुस्तक के प्रत्येक पक्ष को सरलता से समझाया और बताया कि कृतज्ञता, संबंध, उद्देश्य, इच्छाशक्ति, कार्य-अनुशासन और दूसरों की सहायता जीवन को संतुलित व स्वस्थ बनाने के लिए आवश्यक हैं।
श्री मारवाड़ी हिंदी पुस्तकालय के अध्यक्ष विनोद रिंगानिया ने अपने संबोधन में विभिन्न पुस्तकों और विचारकों के संदर्भ देते हुए विषय को विस्तार से समझाया और कार्यक्रम में उपस्थित सभी अतिथियों एवं श्रोताओं का आभार व्यक्त किया। सचिव सिद्धार्थ नवलगढ़िया की उपस्थिति भी उल्लेखनीय रही।
कार्यक्रम का कुशल संचालन संयोजक ताराचंद ठोलिया द्वारा किया गया, जिन्होंने पूरे सत्र को प्रभावी ढंग से जोड़े रखा। पुस्तकालय के सचिव सिद्धार्थ नवलगढ़िया भी इस अवसर पर उपस्थित रहे।
पुणे स्थित कंपनी एमिकेबल सिस्टम्स की संस्थापक, सीईओ व लेखिका ऋचा मिश्रा ने मंच से स्वयं द्वारा विकसित ग्रोथ मॉडल को सभी के सामने विस्तार से समझाया। उन्होंने बताया कि यह मॉडल जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने और आत्मविकास के लिए एक व्यावहारिक ढांचा प्रदान करता है।
लेखिका ने मारवाड़ी हिंदी पुस्तकालय का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह आयोजन उनके लेखक रूप में प्रवेश का एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। उन्होंने पुस्तकालय द्वारा दिए गए विश्वास, सहयोग और समर्थन को अत्यंत प्रेरणादायक बताया तथा कहा कि ऐसे मंच युवा लेखकों के लिए बड़ा प्रोत्साहन होते हैं।
गुवाहाटी के संपत मिश्र और चंदा देवी मिश्र की बहू ऋचा मिश्र की यह सेल्फ-हेल्प पुस्तक पाठकों को अपने जीवन को नए दृष्टिकोण से समझने और पुनः संरचित करने के उपयोगी उपकरण प्रदान करती है।
समारोह में बड़ी संख्या में साहित्यप्रेमी व गणमान्य नागरिक उपस्थित रहा। कार्यक्रम प्रेरणा, सकारात्मकता और उत्साह के वातावरण में सम्पन्न हुआ।







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