भगवान राम के राज्याभिषेक का वर्णन, यज्ञ और महाप्रसाद का आयोजन
रंगिया से अरुणा अग्रवाल की रिपोर्ट।
रंगिया महिला मंडल के तत्वावधान में स्थानीय पंचायती धर्मशाला प्रांगण में आयोजित नौ दिवसीय श्री रामकथा गुरुवार को सफलतापूर्वक संपन्न हुई। भक्तों ने पूरे नौ दिनों तक बड़े ही उत्साह के साथ कथा का श्रवण किया। कथा पूरी होने के बाद यज्ञ, आरती और महाप्रसाद का भव्य आयोजन किया गया।
श्री राम कथा के विश्राम दिवस पर पूज्य कथावाचक, राष्ट्रीय संत स्वामी नवराज प्रपन्न जी महाराज ने सुबह 9 बजे कथा प्रारंभ की। उन्होंने भगवान श्रीराम के राज्याभिषेक के प्रसंग का वर्णन किया तथा इस अवसर पर राम दरबार की मनमोहक झांकी प्रस्तुत की गई। इस दौरान पूरा पंडाल राजा रामचंद्र जी के जयकारों से गूंज उठा। कथा वाचक ने कहा की बुराई और असत्य ज्यादा समय तक टिक नहीं सकता, अंतत अधर्म पर धर्म की जीत होती है। भगवान श्रीराम ने सत्य को स्थापित करने के लिए रावण का वध किया था।
भक्तों ने व्यासपीठ पर स्वामी जी का सम्मान किया और उनका आशीर्वाद लेते हुए धार्मिक पुण्य प्राप्त किया। यह उल्लेखनीय है कि कथा के नौवें दिन, जब महाराज जी ने कथा को विश्राम दिया, तो कार्यक्रम स्थल पर मौजूद सभी भक्त भावुक हो गए। कथा और हवन के बाद, पूज्य स्वामी नवराज प्रपन्न जी महाराज गुवाहाटी के लिए रवाना हुए। भक्तों ने उनका आशीर्वाद लेते हुए उन्हें विदाई दी।
वहीं श्री रामकथा के सफल के लिए आयोजक मंडली यानी रंगिया महिला मंडल द्वारा सभी कार्यकर्ताओं, भक्तों और समाजबंधुओं का आभार व्यक्त किया गया है।







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