गुवाहाटी। श्री गीता जयंती के उपलक्ष्य में माहेश्वरी सभा गुवाहाटी की योग व आध्यात्मिक इकाई महेश योग सत्संग समिति द्वारा पांच दिवसीय प्रवचन एवं सत्संग का आयोजन 5 जनवरी से 9 जनवरी तक महेश्वरी भवन में किया गया है।जिसमें ऋषिकेश से पधारे किशन महाराज के मुखारविंद से गीता के महत्व पर प्रवचन दिया जा रहा है। गीता जयंती महोत्सव के आज तीसरे दिन किशन महाराज ने कहा कि भगवान हर जगह व्याप्त है। हमारा व्यवहार ही बदल गया है। हमारी दृष्टि में दोष हो गया है। अतः हमें भगवान प्राप्त नहीं होते है। व्यवहार स्वार्थ और अभिमान से बिगडता हैं। प्रेम और त्याग ही व्यवहार है। अच्छा व्यवहार ही परमात्मा से मिलता है। सिर्फ उद्देश्य परमात्मा की प्राप्ति होना चाहिए। बिना परमात्मा के उद्देश्य की प्राप्ति के किया हुआ बड़ा से बड़ा कर्म भी निष्फल हो जाता है।जबकि परमात्मा की प्राप्ति के उद्देश्य से किया हुआ छोटा सा सत्संग भी फलीभूत हो जाता है और मोक्ष का कारण बन जाता है। सत्संग बहुत विलक्षण वस्तु है। यह भगवान की गोद है। जिसमें बैठकर प्राणी मोक्ष को प्राप्त कर लेता है। महेश योग सत्संग समिति के संयोजक लूणकरण मुदंडा एवं आचार्य मदन मोहन मल्ल ने संयुक्त रूप से बताया कि रोज प्रातः 5:00 बजे से 6:00 बजे तक गीता जयंती के उपलक्ष्य में माहेश्वरी भवन में नित्य स्तुति, गीता, भागवत, रामायण पाठ व सत्संग किया जा रहा है तथा शाम 4:30 बजे से 6:30 तक गीता के महत्व पर किशन महाराज द्वारा प्रवचन दिया जा रहा है। जिसका समापन 9 जनवरी को किया जाएगा।







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