रोहा, नतुन चारिआली में मां विपद नाशिनी शिल्पालय में बन रही हैं मां दुर्गा की आठ प्रतिमाएं
रिपोर्ट: सोयल खेतान, रोहा
रोहा। शारदीय दुर्गोत्सव को लेकर रोहा और आसपास के क्षेत्रों में तैयारियां जोरों पर हैं। विभिन्न पूजा समितियां मां दुर्गा की आराधना के इस पर्व को भव्य रूप से मनाने की तैयारियों में जुटी हैं। वहीं, मूर्तिकार भी मां दुर्गा की प्रतिमाओं को अंतिम रूप देने में दिन-रात लगे हुए हैं।
आगामी 16 अक्टूबर को महाषष्ठी पर कलश स्थापना के साथ दुर्गोत्सव की शुरुआत होगी। इसे देखते हुए वृहत्तर रोहा के विभिन्न क्षेत्रों में पूजा समितियों की तैयारियां तेज हो गई हैं। महिषासुर मर्दिनी, जगतजननी मां दुर्गा की प्रतिमाओं के निर्माण में मूर्तिकारों की व्यस्तता भी बढ़ गई है।
रोहा के नतुन चारिआली स्थित मां विपद नाशिनी शिल्पालय के स्वामी पलाश पाल अपनी पत्नी के साथ हर वर्ष की तरह इस बार भी प्रतिमा निर्माण में जुटे हैं। पलाश पाल ने बताया कि उन्होंने अपने पिता निताई पाल से प्रतिमा निर्माण की कला सीखी और पिछले 15 वर्षों से विभिन्न देवी-देवताओं की प्रतिमाएं बना रहे हैं।
उन्होंने बताया कि इस वर्ष रोहा, चापरमुख सहित विभिन्न क्षेत्रों से मिले ऑर्डर के आधार पर वह जगतजननी मां दुर्गा की आठ प्रतिमाओं का निर्माण कर रहे हैं। कपड़ों सहित प्रतिमा निर्माण में इस्तेमाल होने वाली सामग्रियों की कीमतों में वृद्धि के कारण इस बार प्रतिमाओं की कीमत 25 हजार से 35 हजार रुपये तक रखी गई है।
दुर्गोत्सव नजदीक आने के साथ ही मूर्तिकार प्रतिमाओं को आकर्षक रूप देने में जुटे हैं। वहीं, पूजा समितियां भी आयोजन को सफल बनाने के लिए तैयारियों को अंतिम रूप दे रही हैं।





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