कछार। केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी और मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल ने शुक्रवार को कछार जिला के महासड़क के रंगपुर स्थित जीरो प्वाइंट में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की 13 फीट की कांस्य प्रतिमा का अनावरण किया।
पूर्व प्रधानमंत्री वाजपेयी की जयंती, जिसे सुशासन दिवस के रूप में भाजपा सरकारी मनाती है। इस मौके पर केंद्रीय मंत्री गडकरी और मुख्यमंत्री सोनोवाल ने प्रतिमा अनावरण के बाद सिलचर के रंगपुर हाई स्कूल के खेल मैदान में आयोजोति एक सार्वजनिक बैठक में हिस्सा लिया। ज्ञात हो कि देश के किसानों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्चुवल तरीके से संबोधित किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संबोधन को सुनने के लिए किसानों की एक सभा का आयोजन किया गया था। जिसमें गडकरी व मुख्यमंत्री सोनोवाल ने भी हिस्सा लिया। ज्ञात हो कि इस अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी ने पीएम किसान सम्मान निधि के तहत 18 हजार करोड़ रु प्रत्यक्ष लाभ अंतरण के माध्यम से देश के नौ करोड़ किसानों के बैंक खातों में जारी किया। इस कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री ने मुख्यमंत्री के साथ 27 परियोजनाओं की आधारशिला रखी, जिसमें 439 किमी की राष्ट्रीय राजमार्ग शामिल है, इसका निर्माण 2366 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया जाएगा। ज्ञात हो कि 27 परियोजनाओं में, 20 परियोजनाओं के लिए आधारशिला रखी गई जबकि शेष सात परियोजनाओं को राष्ट्र को समर्पित किया गया।
इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री गडकरी ने कहा कि वाजपेयी एक प्रिय नेता थे जिन्होंने देश के लोकतांत्रिक ढांचे को मजबूत किया। वह एक तेजस्वी व्यक्तित्व थे, जिन्होंने अपना पूरा जीवन किसानों और गरीब लोगों के लिए समर्पित कर दिया। उनके वक्तृत्व कौशल ने संसद में सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया और उनके व्यवहार कुशल स्वभाव ने सभी को प्रभावित किया। उन्होंने कहा, "हम अटलजी को नहीं भूल सकते और हम उनका बहुत एहसान मानते हैं।"
गडकरी ने कहा कि वाजपेयी ने उन्हें महाराष्ट्र के सौराष्ट्र से असम में सिलचर को जोड़ने वाले 3,000 किमी लंबे ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर के महासड़क के निर्माण का काम सौंपा था। इस संदर्भ में गडकरी ने कहा कि वाजपेयीजी जैसे बहुमुखी व्यक्तित्व की प्रतिमा का अनावरण सबसे बड़ा सम्मान है और इससे उन्हें देश के विकास के लिए उत्साह और जोश के साथ काम करने की प्रेरणा मिलेगी। उन्होंने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी ने राजनीति को सामाजिक सुधार के लिए एक उपकरण के रूप में इस्तेमाल किया क्योंकि, उन्होंने वर्तमान केंद्र सरकार के अटलजी के दृष्टिकोण में ग्रामीण संचार में प्रतिमान बदलाव लाने के लिए सभी प्रयासों को जिम्मेदार ठहराया।
मुख्यमंत्री सोनोवाल के बराक नदी पर दो और पुलों के निर्माण के आह्वान के जवाब में गडकरी ने घोषणा की कि उनका मंत्रालय बराक पर दो और पुलों का निर्माण करेगा, जो नदी के पार निर्बाध आवागमन की सुविधा के लिए बनाए जाएंगे। सोनोवाल के अनुरोध को स्वीकार करते हुए, केंद्रीय मंत्री ने घोषणा की कि जोगगोपा के मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक पार्क के अनुरूप, बराक घाटी में एक और मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक पार्क स्थापित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि बालीचेरा-हरंगजाओ में राष्ट्रीय राजमार्ग का निर्माण मार्च 2022 तक पूरा हो जाएगा। उन्होंने कहा कि जाटिंगा-हरंगाजाओ और हरंगाजाओ-माहुर के बीच एनएच के लिए काम मार्च से शुरू होगा। गडकरी ने कहा कि फुलबरी और धुबरी को जोड़ने वाले ब्रह्मपुत्र पर प्रस्तावित पुल का काम बहुत जल्द शुरू होगा। उन्होंने बताया कि जोरहट को माजुली से जोड़ने वाले ब्रह्मपुत्र पर एक और पुल के लिए भूमि पूजन जनवरी 2021 में किया जाएगा।
पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए मुख्यमंत्री सोनोवाल ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री की प्रतिमा आने वाली पीढ़ी को पूर्व प्रधानमंत्री द्वारा सुशासन के बारे में बताएगी। पूर्व प्रधान मंत्री के सुशासन से प्रेरित, सोनोवाल ने बराक-ब्रह्मपुत्र, पहाड़ियों और मैदानों के लोगों से राज्य के विकास के लिए समर्पित रूप से काम करने की अपील की।
मुख्यमंत्री सोनोवाल ने कहा कि महान नेता की प्रतिमा का अनावरण युवा पीढ़ी को राष्ट्र निर्माण के लिए काम करने के लिए प्रेरित और प्रेरित करेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि वाजपेयीजी के कार्यकाल के दौरान सौराष्ट्र को सिलचर से जोड़ने वाले ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर की कल्पना की गई थी और इसे मूर्त रूप दिया गया। नितिन गडकरी को धन्यवाद देते हुए सोनोवाल ने कहा कि केंद्रीय मंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘ट्रांसपोर्टेशन के माध्यम से परिवर्तन’ के विजन को आगे बढ़ाने के लिए शक्तिशाली कदम उठाया। सोनोवाल ने कहा कि सिलचर में मिनी सचिवालय का काम बहुत जल्द शुरू होगा।
सिलचर के सांसद डॉ.राजदीप रॉय ने कार्यक्रम में स्वागत भाषण दिया। सभा को प्रदेश भाजपा अध्यक्ष रंजीत कुमार दास ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण राज्य मंत्री रामेश्वर तेली, पर्यावरण एवं वन मंत्री परिमल शुक्लबैद्य, असम विधानसभा के उपाध्यक्ष अमीनुल हक लस्कर, सांसद कृपनाथ मल्ल, पूर्व केंद्रीय मंत्री कविंद्र पुरकायस्थ और अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। (हि.स.)





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