गुवाहाटी। असम विधानसभा चुनाव के मद्देनजर शनिवार की शाम को असम प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन में कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी ने चुनाव घोषणा पत्र जारी किया। चुनाव घोषणा पत्र में असम की संस्कृति, भाषा, किसान, महिला, युवा, प्रमुख ऐतिहासिक स्थलों को उन्नत बनाने समेत कई लोकलुभावनी बातों को शामिल किया गया है।
कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल ने कहा कि असम बचाओ यात्रा के दौरान 12 हजार किमी की चार यात्राएं आयोजित कर सभी लोगों के मत के आधार पर घोषणा पत्र तैयार किया गया है। यह आम लोगों का घोषणा पत्र है। इसमें असम की आवाज है। इसमें हजारों कांग्रेस कार्यकर्ताओं व नेताओं ने युवाओं, किसानों से बात कर बनाया है। यहां पांच गारंटी देता है। यह असम की इतिहास, भाषा व संस्कृति की रक्षा करने की गारंटी देता है।
घोषणा पत्र कमेटी के अध्यक्ष गौरव गोगोई ने पूर्व मुख्यमंत्री तरुण गोगोई के नारे, राइजर पदुलित, राइजर सरकार पर अमल करने का दिया भरोसा । घोषणा पत्र को असमिया गमछा में चुनावी घोषणा पत्र को कांग्रेस ने पेश किया। चुनाव घोषणा पत्र की प्रमुख बातों में मुख्य रूप से कांग्रेस के द्वारा दी गयी पांच गारंटी को घोषणा पत्र में सबसे पहले समाहित किया गया है। इसमें मुख्य रूप से निम्न वादों को शामिल किया गया है-
पहली गारंटी के तहत नागरिकता संशोधन कानून (सीएए), जिसने असम की भाषा-संस्कृति और इतिहास को खतरे में डाल दिया है, इसे लागू नहीं किया जाएगा। लोगों को विभाजित करने वाले इस कानून को रद्द करने के लिए कांग्रेस पार्टी द्वारा कठोर प्रयास किए जाएंगे। दूसरी गारंटी में बेरोजगारी की समस्या को हल करने के लिए, पांच लाख बेरोजगार युवाओं को सार्वजनिक क्षेत्र में नौकरी प्रदान की जाएगी जबकि 25 लाख बेरोजगार युवाओं को निजी क्षेत्र में रोजगार प्रदान किया जाएगा।
तीसरी गारंटी में चाय बागान श्रमिकों की दैनिक मजदूरी को बढ़ाकर 365 रुपये किया जाएगा और उन्हें अन्य सामाजिक सुरक्षा लाभ मुहैया कराए जाएंगे। चौथी गारंटी में पूर्व के कांग्रेस शासन में राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना के तहत, 13.55 लाख परिवारों को 30 यूनिट मुफ्त बिजली दी गई थी। यदि हम सरकार बनाते हैं तो हम प्रत्येक परिवार को 200 यूनिट बिजली मुफ्त देंगे। पांचवीं गारंटी में गृहिणियों के लिए 2000 रुपये मासिक ‘गृहिणी सम्मान’ योजना के तहत प्रदान किया जाएगा।
इसके अलावा अन्य घोषणाओं में कांग्रेस पार्टी उन महिलाओं का कर्ज माफ करेगी जिन्होंने माइक्रो फाइनेंस बैंकों से ऋण लिया है। बुनकरों को नि: शुल्क धागा, करघा और अन्य उपकरण प्रदान किए जाएंगे। सभी महिलाओं के लिए नि:शुल्क राज्य परिवहन होगा। देश के खाद्य प्रदाताओं यानी किसानों का कृषि ऋण माफ किया जाएगा।
साथ ही बंद पड़ी पंचग्राम और जागीरोड पेपर मिलों को फिर से पुनर्जीवित किया जाएगा। स्वतंत्रता सेनानियों और असम आंदोलन के शहीदों, भाषा आंदोलन का पेंशन बढ़ाया जाएगा तथा सीएए आंदोलन के परिवारों के लिए पेंशन योजना शुरू की जाएगी। सिलचर रेलवे स्टेशन का नाम बदलकर भाषा शहीद स्टेशन कर दिया जाएगा। जो भूमिहीन वर्तमान में राज्य के स्वामित्व वाली भूमि पर रहते हैं, उन्हें भूमि का पट्टा दिया जाएगा।
इसी तरह प्रत्येक प्राथमिक विद्यालय में हेड-टीचर के पद का प्रावधान किया जाएगा। पवित्र स्थानों - नामघरों, मंदिर, मस्जिदों, गिरिजाघरों आदि, जो 50 वर्ष से अधिक पुराने हैं उन्हें वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी।एसटी का दर्जा छह समुदायों को दिया जाएगा जिसमें ताई आहोम, मोरान, मटक, चुतिया, चाय जनजाति और कोच राजबंशी शामिल हैं। विभिन्न जनजातियों और स्थानीय जनसमुदायों के त्योहारों जैसे जॉनबिल उत्सव, कार्बी महोत्सव को उन्हें पर्यटकों के लिए आकर्षक बनाने के प्रयासों के साथ-साथ बुनियादी सुविधाओं को बढ़ाया जाएगा।
कांग्रेस ने अपने घोषणा पत्र में केरोसिन और चीनी को न्यूनतम समर्थन मूल्य पर फिर से सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत प्रदान करने का आश्वासन दिया है। कोरोना राहत के रूप में इलेक्ट्रीशियन, साउंड आर्टिस्ट, ब्यूटीशियन और अन्य कलाकारों को वित्तीय सहायता के लिए एक कॉपर्स फंड स्थापित किया जाएगा। प्रत्येक निर्वाचन क्षेत्र में सभी सुविधाओं के साथ एक डिजिटल पुस्तकालय स्थापित किया जाएगा।
इसके अलावा प्रत्येक जिले में गौशालाएं बनाई जाएंगी। मॉडल स्वास्थ्य बीमा को संगठित और असंगठित क्षेत्र तक बढ़ाया जाएगा। वकीलों के लिए एक कॉर्पस फंड बनाया जाएगा और इसके लिए 5 करोड़ रुपये आवंटित किए जाएंगे। हर साल एक प्रसिद्ध पत्रकार को आरजी बरुवा पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। 'मिशन हरित असम' के तहत, असम की हरियाली में और 15 फीसद की वृद्धि करने के लिए कदम उठाए जाएंगे।
शहरों और गांवों में गरीबी से प्रभावित क्षेत्रों में मोबाइल क्लीनिक स्थापित किए जाएंगे। कूचबिहार के मधुपुर स्थित सत्र के संरक्षण के लिए विशेष वित्तीय सहायता प्रदान किया जाएगा। भाषा आंदोलन शहीद- मुजम्मिल हक के नाम पर एक छात्रवृत्ति योजना शुरू की जाएगी। असम ओलंपिक संघ के तहत राज्य ओलंपिक प्रतिवर्ष आयोजित किया जाएगा।
साथ ही अंबुबासी मेला के प्रचार के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। संगठित और असंगठित क्षेत्र के लिए आमार पाकघर योजना के माध्यम से 10 रुपये में मुफ्त भोजन का प्रावधान किया जाएगा। कांग्रेस 2500 रुपये प्रति क्विंटल चावल का मूल्य निर्धारित करेगी और इसे लागू करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। आदि घोषाएं कांग्रेस के घोषणा पत्र में शामिल हैं।
इस मौके पर एआईसीसी के उपाध्यक्ष व असम प्रभारी जितेंद्र सिंह, एपीसीसी के अध्यक्ष रिपुन बोरा, सांसद व घोषणा पत्र कमेटी के अध्यक्ष गौरव गोगोई, सांसद प्रद्युत बरदलै, अखिल भारतीय महिला कांग्रेस कमेटी की अध्यक्ष सुस्मिता देव, एआईसीसी के प्रवक्ता गौरव भल्ला, एपीसीसी की मीडिया कमेटी की प्रमुख बबिता शर्मा, सांसद अब्दुल खालेक समेत कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मौजूद थे। (हि.स.)





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