अमित नागोरी
गोलाघाट। गोलाघाट में एक स्थान ऐसा है जो तेंदुए की पसंदीदा स्थली में परिवर्तित हो रहा है। उक्क्त स्थान में तेंदुए का मुक्त विचरण पुनः चर्चा का केंद्र हो गया है। ये पहली मर्तबा नही है पिछले दो सालों में तेंदुए का उक्क्त अंचल में विचरण आम बात हो गयी है।
ये जगह है गोलाघाट के पुलिबर के नारागांव में। खाद्य के खोज में एक स्थान से दूसरे और दूसरे से तीसरे में जाने से अंचल के लोग भयभीत हो गये है। बीते 2 वर्षों में 9 तेंदुए पिंजरबंद हुए है। उक्क्त स्थान के लोगो की माने तो बहुत दिनों से गाय, बकरी अन्य मवेशी को तेंदुआ अपना शिकार बना लेता है। लोगो के मोबाइल में तेंदुए के विचरण के दृश्य देखे गए है। वर्तमान रँगाली बिहू के उत्सवीय माहौल में स्थानीय लोग को तेंदुए से जूझना पड़ रहा है।






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