गुवाहाटी। मुख्यमंत्री डॉ हिमंत बिस्व सरमा की अध्यक्षता में बुधवार को कैबिनेट की बैठक हुई। इसमें कई महत्वपूर्ण निर्णय लिये गये।
नव गठित सरकार की पहली कैबिनेट की बैठक में निर्णय लिया गया था कि कार्यों को तेजी से अमलीजामा पहनाने के लिए प्रत्येक बुधवार को कैबिनेट की बैठक आयोजित की जाएगी। उसी कड़ी में आज कैबिनेट की बैठक आयोजित की गयी।
बैठक में सबसे पहले गोसाईगांव के विधायक व बीपीएफ के नेता मजेंद्र नार्जारी के निधन पर कैबिनेट ने दो मिनट का मौन रखकर शोक जताया। नार्जारी का बुधवार की सुबह गुवाहाटी मेडिकल कालेज अस्पताल में कोरोना के बाद हुए ब्रेन स्ट्रोक के चलते इलाज चल रहा था।
मुख्यमंत्री डॉ सरमा ने मंत्रियों परिमल शुक्लबैद्य और उर्खाओ गौरा ब्रह्म को निर्देश दिया कि वे दिवंगत विधायक के आवास के लिए तुरंत रवाना हों और असम सरकार की ओर से शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करें। साथ ही अंत्येष्ठि क्रिया पूरे राजकीय सम्मान के साथ करने का भी मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया।
कैबिनेट की बैठक में प्रशासनिक सुधारों के लिए लिए गए महत्वपूर्ण फैसलों में मुख्य रूप से- कुशल कोंवर सार्वजनिक वृद्ध पेंशन योजना, इंदिरा मिरी सार्वजनिक विधवा पेंशन योजना और दीनदयाल दिव्यांग योजना के लिए वित्तीय अनुमोदन के लिए कोई फाइल वित्त विभाग को नहीं भेजनी होगी। संबंधित विभाग के वरिष्ठतम सचिव लाभार्थियों को डीबीटी के माध्यम से रिलीज करने का अधिकार होगा। इसके अलावा इन तीनों योजनाओं के लाभार्थियों को हर महीने की 10 तारीख के भीतर उनका बकाया प्राप्त होगा।
आज से वेलफेयर ऑफ बोडोलैंड विभाग नाम से एक नया अलग विभाग बनाया गया है। पहले यह डब्ल्यूपीटीबीसी के तहत होता था। कोकराझार में बोडोलैंड प्रशासनिक स्टाफ कॉलेज की स्थापना की जाएगी। कैबिनेट ने निर्णय लिया कि यदि कोई उपयुक्त सरकारी भवन उपलब्ध नहीं है तो किराए के भवन में तुरंत कॉलेज का कामकाज शुरू किया जाएगा।
मंत्रिमंडल द्वारा आज संबंधित जिलों के प्रशासनिक पहलुओं की देखभाल के लिए सौंपे गए अभिभावक मंत्रियों की भूमिकाओं और जिम्मेदारियों के दिशानिर्देशों को भी मंजूरी दी गयी। (हि.स.)





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