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एलआईसी के शेयरों में लगातार गिरावट से बढ़ा निवेशकों का ब्लड प्रेशर



- सामान्य निवेशकों को अभी तक प्रति शेयर 136 रुपये से अधिक का नुकसान

नई दिल्ली। देश के सबसे चर्चित शेयरों में से एक भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) के शेयरों ने लिस्टिंग के बाद से ही अपने निवेशकों का ब्लड प्रेशर बढ़ा दिया है। 17 मई को बीएसई और एनएसई में 8 प्रतिशत से भी अधिक के डिस्काउंट पर लिस्ट होने के बाद से ही एलआईसी का शेयर लगातार गिरता जा रहा है। लिस्टिंग के दिन भी 949 रुपये का ये शेयर एनएसई पर 872 रुपये पर और बीएसई में 867 रुपये के भाव पर लिस्ट हुआ था।

शेयर बाजार के कारोबार पर नजर डालें, तो पता चलता है कि इस शेयर की कीमत में लगातार गिरावट का सिलसिला बना हुआ है। आज भी ये शेयर 0.91 प्रतिशत की गिरावट के साथ 812.85 रुपये के स्तर पर आ गया। बुधवार को भी इस शेयर में करीब 1 प्रतिशत की गिरावट आई थी। शेयर बाजार में लिस्ट होने के बाद से ही एलआईसी के शेयर में आ रही गिरावट में निवेशकों की परेशानी बढ़ा दी है।

बाजार में लगातार कम कीमत पर बिक रहे इस शेयर के कारण निवेशक अभी तक काफी नुकसान का सामना कर चुके हैं। निवेशकों के लिए इस शेयर से पैसा निकालना मुश्किल हो गया है। अभी की स्थिति में अगर कोई निवेशक पैसा निकालना भी चाहता है, तो उसके सामने भारी भरकम नुकसान का सामना करने के अलावा और कोई दूसरा विकल्प नहीं है।

एलआईसी ने आईपीओ के जरिए अपने निवेशकों को 949 रुपये के भाव पर शेयरों का एलॉटमेंट किया था। हालांकि इस एलॉटमेंट में एलआईसी के पॉलिसी होल्डर्स, कर्मचारियों और खुदरा निवेशकों को डिस्काउंट भी दिया गया था। एलआईसी के पॉलिसी होल्डर्स को प्रति शेयर 60 रुपये का डिस्काउंट दिया गया था, जबकि एलआईसी कर्मचारियों और खुदरा निवेशकों को प्रति शेयर 45 रुपये का डिस्काउंट मिला था। इसकी वजह से पॉलिसी होल्डर को एक शेयर 889 रुपये के भाव पर और एलआईसी के कर्मचारियों तथा खुदरा निवेशकों को ये शेयर 904 रुपये के भाव पर पड़ा था।

शेयर बाजार में इस शेयर के आज के रेट को देखते हुए फिलहाल पॉलिसी होल्डर्स को प्रति शेयर 76.15 रुपये का और खुदरा निवेशकों तथा कर्मचारियों को प्रति शेयर 91.15 रुपये के नुकसान का सामना करना पड़ रहा है। इसी तरह जिन निवेशकों ने 949 रुपये के इश्यू प्राइस पर इस शेयर की खरीद की है, उन्हें प्रति शेयर 136.15 रुपये का नुकसान हो रहा है। जाहिर है ऐसे भारी भरकम नुकसान के साथ खुदरा निवेशकों या पॉलिसी होल्डर्स के लिए शेयर बाजार से निकलना आसान नहीं है। भारी नुकसान के साथ ऐसे निवेशक अब बाजार में इस शेयर में जल्द से जल्द तेजी आने की दुआ कर रहे हैं, ताकि उनका फंसा हुआ पैसा निकल सके।

एलआईसी का आईपीओ देश का अभी तक का सबसे बड़ा आईपीओ था। इसके जरिए एलआईसी ने करीब 21,000 करोड़ रुपये जुटाए थे। इस आईपीओ के जरिए सरकार ने अपनी हिस्सेदारी में से 3.5 प्रतिशत हिस्सेदारी बाजार में बेची है। एलआईसी के आईपीओ को सफल बनाने के लिए भारत सरकार के निर्देश पर संभवतः पहली बार शेयर बाजार के इतिहास में शनिवार और रविवार को भी सब्सक्रिप्शन को ओपन रखा गया था। लोगों ने भी इस आईपीओ को हाथों हाथ लिया। लेकिन लिस्टिंग के बाद से जिस तरह से इस शेयर के भाव में गिरावट आई, उससे कई लोगों को अपना पैसा डूबता हुआ नजर आने लगा है।

शेयर बाजार के जानकारों का कहना है कि एक बार बाजार की स्थिति अच्छी होने के बाद एलआईसी के शेयर ऊंचाई तक जा सकते हैं। धामी सिक्योरिटीज के वाइस प्रेसिडेंट प्रशांत धामी के मुताबिक एलआईसी के शेयर का 6 महीने का टार्गेट 1,450 रुपये का है, जबकि मार्केट में सुधार होने की स्थिति में 1 साल बाद इस शेयर को 1,720 रुपये के स्तर तक भी पहुंचा हुआ देखा जा सकता है।

हालांकि प्रशांत धामी ये भी कहते हैं कि एलआईसी के शेयर में पैसा लगाने के पहले निवेशकों को अपने सलाहकारों से भी संपर्क करना चाहिए और एलआईसी के फंडामेंटल्स पर खुद भी ध्यान देना चाहिए। ऐसा करके अगर निवेशक लंबी अवधि के लिए एलआईसी के शेयर में निवेश करते हैं, तो उनके लिए नुकसान का सामना करने की संभावना कम होगी।

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