सिलचर से मदन सिंघल
"ईश्वर सर्वव्यापी है लेकिन उसकी अभिव्यक्ति मनुष्यों में सबसे महान है, इसलिए मनुष्य को ईश्वर की तरह सेवा करो और मन के मतभेदों को दूर करो।" सिलचर में रामकृष्ण मिशन के स्वामी गणधिशानंदजी महाराज ने ठाकुर रामकृष्ण के इस कथन को उद्धृत करते हुए ईश्वर के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि ईश्वर-उपलब्धि या ईश्वर-प्राप्ति मानव जीवन का अंतिम लक्ष्य होना चाहिए। भगवान को खोजने के लिए आपको कहीं जाने की जरूरत नहीं है। भगवान हर जगह है। मनुष्य के भीतर ईश्वर है। उन्होंने कहा कि मंदिर बनाना जरूरी है। हालांकि, प्रबंधन समिति को भविष्य में मंदिर का सुचारू रूप से प्रबंधन करना होगा। ऐसे में सभी को आगे आकर एकजुट होकर मंदिर का प्रबंधन करना है। रंगपुर में नवनिर्मित मंदिर की स्थापना और श्री श्री शनिदेव का वार्षिकोत्सव गुरुवार से विभिन्न धार्मिक समारोहों के माध्यम से शुरू हो गया है। उत्सव की शुरुआत आज दोपहर अधिवास के पानी भरने का कार्यक्रम के साथ हुई। उत्सव के अवसर पर श्री श्री शनिमंदिर संचालन समिति के अध्यक्ष शिशिर रंजन देव और सचिव रंजीत दत्ता और कोषाध्यक्ष दुलु बाउरी ने कहा कि अधिवास का पानी भरना और शोभायात्रा रंगपुर का पथ परिक्रमा कर के हुआ। बाद में रामकृष्ण मिशन के महाराज स्वामी गणधिशानंदजी ने रिबन काटकर नवनिर्मित मंदिर का उद्घाटन किया। बाद में प्रदीप प्रज्वलन के पश्चात स्वामी गणधिशानन्द जी, कछाड़ जिला भाजपा अध्यक्ष विमलेन्दू राय, सांसद प्रतिनिधि पुलक दास, रंगपुर मण्डल भाजपा अध्यक्ष विश्वजीत दास, समाजसेवी स्वर्णाली चौधुरी, अनाथबन्धू गोस्वामी, प्रबाल देव, कार्तिक पाल, मुनमुन भट्टाचार्य और प्रमुख नागरिकों ने इस कार्यक्रम में भाग लिया। इसके बाद अधिवास की पूजा की गई। साथ ही शुक्रवार सुबह साढ़े आठ बजे से विशेष पूजा, मूर्ति स्थापना, भोग और भोगारती व यज्ञ का आयोजन होगा।उन्होंने यह भी कहा कि श्री शनि महाराज की वार्षिक महोत्सव का पूजा शनिवार सुबह नौ बजे से शुरू होगी और दोपहर एक बजे से महाप्रसाद वितरणऔर विभिन्न समारोहों के साथ आयोजन समाप्त होगी।कार्यक्रम में स्थानीय कलाकार सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करेंगे।







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