-थोक महंगाई से बिगड़ सकता है खुदरा महंगाई दर का खेल: रिजर्व बैंक
-आरबीआई ने कहा- बाजार में 2 हजार रुपये के नोट का चलन हुआ कम
नई दिल्ली/मुंबई। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) ने अपनी सालाना रिपोर्ट 2021-22 जारी कर दी है। वैश्विक अर्थव्यवस्था पर आरबीआई ने कहा कि आउटलक फिलहाल अनिश्चित है। लेकिन, हमारी प्राथमिकता महंगाई पर नियंत्रण पाना है। आरबीआई की रिपोर्ट के सालाना रिपोर्ट के मुताबिक 2 हजार रुपये के नोट का चलन कम हुआ है।
रिजर्व बैंक ने शुक्रवार को जारी सालाना रिपोर्ट में कहा कि देश की अर्थव्यवस्था दुनिया के मुकाबले बेहतर स्थिति में है। हालांकि, रिपोर्ट में कहा गया है कि वैश्विक बाजार का आउटलुक अभी अनिश्चित है। आरबीआई ने कहा कि उसकी प्राथमिकता फिलहाल महंगाई पर काबू पाना है। रिजर्व बैंक की सालाना रिपोर्ट में महंगाई बढ़ने पर कहा है कि थोक मूल्यों पर आधारित महंगाई (डब्ल्यूपीआई) का उच्च स्तर आने वाले वक्त में खुदरा महंगाई पर दबाव बढ़ाएगी।
आरबीआई के मुताबिक दो हजार रुपये के बैंक नोट की संख्या में पिछले कुछ साल से गिरावट का सिलसिला जारी है। रिपोर्ट के मुताबिक इस साल मार्च के अंत तक चलन वाले कुल नोट में 2 हजार रुपये के नोट की हिस्सेदारी घटकर 214 करोड़ यानी 1.6 फीसदी रह गई है। आरबीआई की वार्षिक रिपोर्ट में यह कहा गया है। इस साल मार्च तक सभी मूल्यवर्ग के नोटों की कुल संख्या 13,053 करोड़ थी, जबकि इससे एक साल पहले इसी अवधि में यह आंकड़ा 12,437 करोड़ था।





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