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अपोलो मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल्स में शुरुआती रेक्टल कैंसर के लिए निशान रहित सर्जरी संपन्न

 


गुवाहाटी। अपोलो मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल्स में हाल ही में 81 वर्षीय महिला मरीज पर रेक्टल कैंसर के लिए एक नई निशान रहित सर्जरी सफलतापूर्वक संपन्न करके उन्नत चिकित्सा उपचारों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता का प्रदर्शन किया। क्रोनिक किडनी फेलियर से भी पीड़ित यह मरीज मल के माध्यम से रक्त की कमी का अनुभव कर रही थी। इस मरीज के शुरुआती चरण के रेक्टल कैंसर का पता चला।


अपोलो मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल्स की मेडिकल टीम ने ट्रांसनल मिनिमल इनवेसिव सर्जरी (टीएएमआईए) का विकल्प चुना, जो एक अत्याधुनिक तकनीक है। इसमें पेट में चीरा नहीं लगाया जाता है। इसके बजाय, एक विशेष पोर्ट और उपकरणों का उपयोग करके गुदा नहर के माध्यम से ट्यूमर को हटा दिया गया। डॉ. सुमित गुलाटी की देखरेख में की गई यह प्रक्रिया दर्द रहित तरीके से पूरी हुई। उल्लेखनीय है कि रोगी सर्जरी के 24 घंटे के भीतर आहार लेने में सक्षम हो गई और उसे केवल 48 घंटे बाद छुट्टी दे दी गई। उसकी बायोप्सी रिपोर्ट में मुक्त मार्जिन के साथ टी1 कैंसर की पुष्टि हुई। इस पुष्टि से यह दर्शाता है कि वह कैंसर मुक्त थी और उसे कीमोथेरेपी की आवश्यकता नहीं होगी।


डॉ. गुलाटी ने विशेष रूप से पारंपरिक पेट की सर्जरी के लिए उच्च जोखिम वाले रोगियों के लिए इस निशान रहित दृष्टिकोण की क्रांतिकारी क्षमता पर प्रकाश डाला। इस सर्जरी के सिलसिले में डॉ. सुप्रियो घटक ने कहा कि 'टीएएमआईएस' को रोगियों द्वारा अच्छी तरह से स्वीकार किया जाता है क्योंकि इसमें त्वचा में कोई कट नहीं होता है और दर्द भी नहीं होता है। यह उन्नत तकनीक भारत और विश्व स्तर पर केवल चुनिंदा केंद्रों पर उपलब्ध है, जो चिकित्सा नवाचार के मामले में अपोलो मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल्स की स्थिति को रेखांकित करता है।


अपोलो मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल्स के लिवर ट्रांसप्लांट और जीआई सर्जरी विभाग के हिस्से समर्पित कोलन और रेक्टल क्लिनिक कोलन और मलाशय की सौम्य और घातक दोनों बीमारियों का इलाज करता है। क्लिनिक का नेतृत्व सर्जनों की एक प्रतिष्ठित टीम द्वारा किया जाता है, जिसमें डॉ. सुप्रियो घटक, डॉ. रामदीप रे और डॉ. सुमित गुलाटी शामिल हैं। वे नियमित रूप से सराहनीय परिणामों के साथ लिवर ट्रांसप्लांट करते आए हैं। टीम कोलोरेक्टल कैंसर, अग्नाशय के कैंसर, एसोफैगल और पेट के कैंसर के लिए रोबोटिक और लैप्रोस्कोपिक सर्जरी के साथ-साथ पित्त नली की चोटों, अल्सरेटिव कोलाइटिस और रुग्ण मोटापे के लिए बैरिएट्रिक प्रक्रियाओं के सर्जरी में भी माहिर है।


पिछले दो दशकों से अपोलो मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल्स ने पारंपरिक ओपन सर्जरी की जगह लेप्रोस्कोपिक तकनीक अपनाकर देखभाल का एक नया मानक स्थापित किया है। इसके अतिरिक्त, रोबोटिक कोलेक्टोमी और रेक्टल रिसेक्शन की शुरुआत की गई है, जिससे मरीजों को कम से कम रक्त की हानि होती है और रिकवरी में तेजी आती है। अपोलो मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल्स उन्नत सर्जिकल तकनीकों को अपनाने और लागू करने में अग्रणी बना हुआ है, जिससे मरीजों को उच्चतम गुणवत्ता वाली देखभाल मिलती है।

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