आपातकालीन तैयारियों को मजबूत करने के लिए एजेंसियों ने "हवाई हमले सिमुलेशन अभ्यास" में भाग लिया
गुवाहाटी। केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा जारी निर्देश के अनुरूप, आज 10वीं असम पुलिस बटालियन (एपीबीएन), काहिलीपारा, गुवाहाटी के परिसर में बड़े पैमाने पर नागरिक सुरक्षा मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। यह ड्रिल राष्ट्रव्यापी नागरिक सुरक्षा तैयारी पहल का हिस्सा थी, जिसमें असम भर में 20 अलग-अलग स्थानों पर एक साथ इसी तरह के अभ्यास किए गए।
असम के नागरिक सुरक्षा महानिदेशक द्वारा जिला प्रशासन, कामरूप (एम) के सहयोग से आयोजित यह मॉक ड्रिल शाम 4:00 बजे शुरू हुई और इसमें कई आपातकालीन प्रतिक्रिया एजेंसियों और सुरक्षा बलों की सक्रिय भागीदारी देखी गई। इस अभ्यास का उद्देश्य अंतर-एजेंसी समन्वय, त्वरित आपातकालीन प्रतिक्रिया और युद्ध जैसी परिस्थितियों से निपटने के लिए मौजूद प्रणालियों का परीक्षण करना था।
इस कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण "एयर रेड सिमुलेशन अभ्यास" था, जिसमें हवाई खतरे की प्रतिक्रिया, शमन रणनीतियों, नागरिक निकासी और क्षति नियंत्रण उपायों पर ध्यान केंद्रित किया गया था। नागरिक और सुरक्षा प्रतिष्ठानों दोनों की परिचालन तत्परता बढ़ाने के लिए यथार्थवादी परिस्थितियों में सिमुलेशन आयोजित किया गया था।
असम सरकार के गृह एवं राजनीतिक विभाग के सचिव देबा प्रसाद मिश्रा ने कार्यक्रम में प्रतिभागियों और पर्यवेक्षकों को संबोधित किया। तैयारियों के महत्व पर जोर देते हुए उन्होंने कहा, "ऐसी मॉक ड्रिल एजेंसियों और जनता दोनों को युद्ध या बाहरी आक्रमण जैसी आपदाओं की स्थिति में तेजी से प्रतिक्रिया करने के लिए आवश्यक ज्ञान और आत्मविश्वास से लैस करने के लिए महत्वपूर्ण हैं। मुझे विश्वास है कि आज के अभ्यास ने हमारे राज्य की आपातकालीन प्रतिक्रिया क्षमता को बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।"
होमगार्ड एवं नागरिक सुरक्षा के महानिरीक्षक अरबिंद कलिता ने आम जनता से अपील की कि वे आपातकालीन समय में सतर्क एवं सावधान रहें तथा हवाई हमलों आदि जैसी स्थितियों से निपटने में प्रशासन को अपना सहयोग प्रदान करें।
इस अभ्यास में असम पुलिस, राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ), अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाएं, स्वास्थ्य विभाग और स्थानीय नागरिक सुरक्षा स्वयंसेवकों के अधिकारियों ने भाग लिया। प्रतिक्रिया तंत्र की दक्षता का आकलन करने और सुधार के क्षेत्रों की पहचान करने के लिए वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा इस कार्यक्रम की बारीकी से निगरानी की गई।
इस कार्यक्रम में पुलिस महानिरीक्षक (कानून एवं व्यवस्था) अखिलेश कुमार सिंह, जिला आयुक्त (कामरूप मेट्रो) सुमित सत्तावन, संयुक्त पुलिस आयुक्त (गुवाहाटी) अंकुर जैन, गुवाहाटी नगर निगम के मेयर मृगेन सरानिया भी उपस्थित थे।






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