आदि कर्मयोगी अभियान को सफल बनाने में तत्पर तामुलपुर जिला प्रशासन
सेंकी अग्रवाल
गोरेश्वर। आज तामुलपुर जिले के भारत-भूटान सीमा पर जनजाति प्रधान १ नंबर पहारपुर, पातकीजुली और बगाजुली गांव में "वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम-२" के अंतर्गत तीन महत्वपूर्ण बैठकें आयोजित की गईं। पहली बैठक १ नंबर पहारपुर में हुई। उसके बाद क्रमशः पातकीजुली और बगाजुली में बैठकें आयोजित की गईं। तामुलपुर जिले के जिला आयुक्त पंकज चक्रवर्ती की अध्यक्षता में हुई इन बैठकों में गांववासियों की विभिन्न समस्याओं और उनके समाधान पर विस्तार से चर्चा की गई। गांववासियों ने अपनी समस्याओं का उल्लेख करते हुए कहा कि क्षेत्र में हाथी-मानव संघर्ष, शिक्षा, कृषि, पेयजल, बिजली, स्वास्थ्य, वन, पशु चिकित्सालय, महिला उप-स्वास्थ्य केंद्र आदि समस्याएं अभी भी जारी हैं। इसलिए उन्होंने प्रशासन से इन समस्याओं के समाधान के लिए कदम उठाने का अनुरोध किया। जिला आयुक्त पंकज चक्रवर्ती ने गांववासियों को बताया, “भारत सरकार ने तामुलपुर जिले के १०६ गांवों को ‘आदि कर्मयोगी अभियान’ में शामिल किया है। इनमें आपके गांव भी शामिल हैं। इसलिए आपकी समस्याओं का समाधान इस योजना के अंतर्गत जल्द ही किया जाएगा। दूसरी ओर, बीटीसी और असम सरकार की योजनाओं को भी यहां प्रभावी बनाना होगा। इसके लिए गांववासियों को सरकार-प्रशासन के साथ संबंध बनाए रखने के साथ सहयोग देना होगा।” उन्होंने आगे बताया कि आगामी १५ नवंबर को नाग्रीजुली में "आदि कर्मयोगी अभियान" के तहत आयोजित "जनजातीय गौरव दिवस" की बैठक में गांववासियों को भाग लेने के लिए आमंत्रित किया। क्षेत्र के आर्थिक-सामाजिक विकास पर ध्यान देते हुए जिला आयुक्त और एसएसबी के ६४ नंबर बटालियन के सेकंड कमांडर आर के तेजकुमार सिंह ने गांववासियों को आमंत्रित करते हुए कहा कि यदि क्षेत्र में आवश्यक खाद्य सामग्री का उत्पादन होता है, तो एसएसबी बाहर से उसे आयात किए बिना उन्हींसे खरीद सकती है। इस संदर्भ में, कृषि क्षेत्र में हाथियों के उत्पात पर ध्यान देते हुए जिला आयुक्त ने कहा, “हाथियों को खाद्य-फल नष्ट करने से रोकने के लिए हमें वैज्ञानिक उपाय करने होंगे।” बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने भी अपने-अपने विचार रखे। उल्लेखनीय है कि आगामी १५ नवंबर को आयोजित होने वाले "जनजातीय गौरव दिवस" के पूर्व मौके पर आज आयोजित बैठकों का विशेष महत्व है। आज की बैठक में जिला आयुक्त पंकज चक्रवर्ती और एसएसबी के ६४ नंबर बटालियन के सेकंड कमांडर आर के तेजकुमार सिंह के अलावा सहायक आयुक्त अरुणिमा काकती, जिला ग्रामीण विकास प्राधिकरण के परियोजना संचालक भास्कर ज्योति बरुआ, तामुलपुर विकास खंड के खंड विकास अधिकारी देवकुमार बसुमतारी, सिंचाई विभाग के कार्यकारी अभियंता गुलाब चंद्र दास, कुमारीकाटा राज्य चिकित्सालय के प्रभारी अधिकारी डॉ. अरिंदम कलिता, खंड प्राथमिक शिक्षा अधिकारी अरुणजॉय खुंगुर ब्रह्म, जनस्वास्थ्य तकनीकी विभाग के सहायक कार्यकारी अभियंता पंची बढ़ी और संबंधित विभागों के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।







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