टैक्स बार एसोसिएशन की अप्रत्यक्ष कर समिति ने करदाताओं को GSTR-3B रिटर्न की तालिका 4D (2) के अंतर्गत विगत वर्षों के अघोषित /अपात्र आईटीसी (Input Tax Credit) की सूचना देने के लिए हाल ही में राज्य कर विभाग द्वारा भेजे गए ईमेल परामर्शों के संदर्भ में असम के राज्य कर के प्रधान आयुक्त से गत ६ नवम्ब २०२५ को मुलाकात की और एक ज्ञापन सौंपा।
टैक्स बार एसोसिएशन ने प्रमुख्मः जिन मुद्दों को उठाया उसमे इस प्रकार से पुराने वर्षों के इनपुट टैक्स क्रेडिट रेवेर्सल का जीएसटी कानून मे कोई प्रावधान न होना, केंद्र सरकार द्वारा जारी सर्कुलर 170 के हिसाब से सिर्फ वर्तमान कर अवधि से संबंधित अयोग्य ITC को ही दर्शाना है, पूर्व अवधि के ITC की अब रिपोर्टिंग करने से करदाता के रिटर्न डेटा में विसंगतियां पैदा हो सकती हैं और वास्सविक कर स्थिति गलत दिखाई दे सकती है। जीएसटी की धारा १६ (४) के हिसाब से भी पुराने इन्पुट क्रेडिट को आज हानि लिया जा सकता है। साथ ही यह भी बताया गया की करदाताओं को डर है कि वैधानिक रिटर्न में ऐसे आंकड़े प्रस्तुत करने को अयोग्स क्रेडिट या स्व-घोषित उलटफेर की स्वीकृति के रूप में समझा जा सकता है, इससे उनके इलेक्ट्रॉनिक क्रेडिट लेजर डेटा विकृत हो सकता है, और बेमेल रिपोर्टिंग के कारण भविष्य के वर्षों में अवांछित ऑडिट प्रश्न या नोटिस आमंत्रित हो सकते हैं।
श्री मनोज नाहटा, सीए ने टैक्स बार एसोसिएशन की और से कर आयुक्त को बताया की जीएसटी रिटर्न प्रणाली एक स्व-मूल्यांकन-आधारित प्रक्रिया है और इसमें प्रत्येक प्रविष्टि का कानूनी महत्व है अतः व्यापार और उद्योग सीजीएसटी/एसजीएसटी कानून और सीबीआईसी के निर्देशों के दायरे में रहकर ही कार्य करना पसंद करेंगे। इसलिए यह अनुरोध किया गया की कि कर विभाग उपरोक्त मुद्दों और चिंताओं पर एक उचित स्पष्टीकरण जारी करे ताकि एकरूप समझ सुनिश्चित हो सके और किसी भी अनपेक्षित अनुपालन त्रुटि या भविष्य के विवादों को रोका जा सके।
प्रधान आयुक्त श्री जीतू दौलै ने धैर्यपूर्वक सभी बातों को ध्यान से सुना और विस्तार से चर्चा की तथा इस पर विचार करने का आश्वासन दिया। प्रतिनिधिमंडल में अध्यक्ष सीए पंकज खंडेलिया, सचिव सीएस चंद्रशेखर शर्मा, अप्रत्मक्ष कर समिति के अध्यक्ष सीए मनोज नाहटा, कार्यकारी समिति के सदस्म एडवोकेट भरत पुरोहित और सदस्म सीए विवेक जैन एवं सीए मुकेश अग्रवाल शामिल थे।
इस आशय की जानकारी टैक्स बार एसोसिएशन के सचिव सीएस चंद्र शेखर शर्मा द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति मे दी गई।







कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें