गुवाहाटी. उत्तर-पूर्वी भारत में सोमवार तड़के भूकंपीय गतिविधियों ने लोगों को दहशत में डाल दिया, जब कुछ ही घंटों के अंतराल में दो अलग-अलग भूकंप दर्ज किए गए। पहला और अधिक शक्तिशाली भूकंप असम में महसूस किया गया, जबकि दूसरा हल्के स्तर का भूकंप त्रिपुरा में दर्ज हुआ। सोमवार सुबह लगभग 4:17 बजे, असम के कई हिस्सों में तेज भूकंप के झटके महसूस किए गए। गुवाहाटी, मोरीगांव, नगांव सहित आसपास के जिलों में लोग नींद से जागकर घरों, दफ्तरों और दुकानों से बाहर निकल आए। कई इलाकों में इमारतें हिलती नजर आईं, छत के पंखे झूलने लगे और फर्नीचर तक कंपन करने लगा। प्रारंभिक भूकंपीय आंकड़ों के अनुसार, इस भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 5.4 से 5.6 के बीच आंकी गई है।* विभिन्न निगरानी एजेंसियों द्वारा जारी आंकड़ों में हल्का अंतर देखा गया है। भूकंप का केंद्र असम के मोरीगांव के पास, मोरीगांव शहर से लगभग 4 किलोमीटर दूर, कम गहराई में स्थित था, जिसके कारण सतह पर इसका प्रभाव काफी अधिक महसूस किया गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, झटके कई सेकंड तक महसूस किए गए, जिससे अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। हालांकि, समाचार लिखे जाने तक किसी बड़े जान-माल के नुकसान या हताहत की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। इसी बीच, उसी सुबह एक अलग भूकंपीय घटना में त्रिपुरा में भी भूकंप दर्ज किया गया। आधिकारिक भूकंपीय रिकॉर्ड के अनुसार, 05 जनवरी 2026 को सुबह 03:33:32 बजे (IST) त्रिपुरा के गोमती जिले में रिक्टर स्केल पर 3.9 तीव्रता का भूकंप आया। इस भूकंप का केंद्र 23.67° उत्तरी अक्षांश और 91.50° पूर्वी देशांतर पर स्थित था, जबकि इसकी गहराई लगभग 54 किलोमीटर मापी गई। गहराई अधिक होने और तीव्रता अपेक्षाकृत कम होने के कारण त्रिपुरा में आए इस भूकंप का असर हल्का रहा और वहां से भी किसी नुकसान की सूचना नहीं मिली है। भूकंप विशेषज्ञों का कहना है कि उत्तर-पूर्वी भारत उच्च भूकंपीय जोखिम क्षेत्र में आता है, जहां टेक्टोनिक प्लेटों की सक्रियता के कारण इस तरह की घटनाएं समय-समय पर होती रहती हैं। विशेषज्ञों और प्रशासन ने नागरिकों से शांत रहने, संभावित आफ्टरशॉक्स के प्रति सतर्क रहने और मानक सुरक्षा दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है। प्रशासन और भूकंपीय एजेंसियां स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं और आगे की जानकारी का इंतजार किया जा रहा है।








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