गुवाहाटी। श्री राणी सती समिति गुवाहाटी के सौजन्य से आयोजित सात दिवसीय भागवत ज्ञान कथा सप्ताह के चौथे दिन श्री कृष्ण जन्म प्रसंग में श्रोताओं की में भक्तों की भीड़ उम्र पड़ी। व्यास पीठ पर विराजमान संत शिरोमणि बाल योगिनी साध्वी करुणा गिरी ने सूर्यवंश व चंद्रवंश की कथा का वर्णन किया। राम कथा का वर्णन करते हुए साध्वी श्री ने कहा राम जहां रमण करते हैं वह रामायण है। राम कथा जीने की कथा है। व्यवहार दिलाने की कथा है। व्यापार दिलाने की कथा है। जिस दिन राम कथा हमारे परिवार के 2 साल से 100 साल तक के सदस्यों के चरित्र में समा जाएगी उस दिन उस परिवार की पूरी व्यथा खत्म हो जाएगी। राम कथा प्रसंग में शबरी और भारत का चरित्र ही मुख्य चरित्र है। साध्वी श्री ने रामावतार के पश्चात चंद्र वंश की कथा सुनाते हुए कहा कि चंद्रवंश और सूर्यवंश नदी के दो किनारे हैं। त्रेता में सूर्यवंशी राम और द्वापर में चंद्रवंशी कृष्ण दोनों एक ही है। इसे मिलने वाला चाहिए। कृष्ण प्रसंग में कृष्ण जन्म की जीवंत झांकी में सभी श्रोता भाव विभोर होकर बधाई गीत नृत्य पर झूमने लगे। वासुदेव के मस्तक पर बालकृष्ण की जीवंत झांकी आकर्षण का मुख्य केंद्र बनी रही। आज के यजमान निर्मला कयाल और शशिकांत रेखा झुनझुनवाला ने व्यास पीठ की पूजा अर्चना की। तथा बाल रूपी कृष्ण की भी पूजा अर्चना कर बधाइयां बांटी।
Snakiy Makhana (Adv.)
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भागवत कथा के चौथे दिन कृष्ण प्रसंग में उमड़ी भक्तों की भीड
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