पुणे के एक रिहायशी क्षेत्र में टाटा सफारी कार के सनरूफ के टूटने की घटना ने वाहन की मजबूती और सुरक्षा मानकों को लेकर बहस छेड़ दी है। यह घटना उस समय हुई जब आसपास कुछ बच्चे खेल रहे थे और जमीन से छोटे-छोटे पत्थर तथा स्टोन-चिप्स उठाकर फेंक रहे थे।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ये पत्थर बड़े आकार के नहीं थे, बल्कि सामान्य कंकड़ और छोटे टुकड़े थे। खेल के दौरान फेंका गया एक पत्थर सीधे टाटा सफारी के सनरूफ पर आ गिरा। टक्कर मामूली थी, लेकिन उसका परिणाम गंभीर निकला। सनरूफ का कांच तुरंत चटक गया और उसमें दरारें फैल गईं।
तस्वीरों और वीडियो फुटेज में देखा जा सकता है कि ग्लास बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है। यह कार हाल ही में खरीदी गई बताई जा रही है, जिससे घटना को लेकर चर्चा और भी तेज हो गई है।
आमतौर पर सनरूफ में टफेंड ग्लास का इस्तेमाल किया जाता है, जिसे मजबूत और झटके सहने योग्य माना जाता है। ऐसे में छोटे पत्थर से इस तरह का नुकसान कई सवाल खड़े करता है। हालांकि कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि कांच पर लगने वाली चोट का कोण, प्रभाव की तीव्रता और संपर्क का बिंदु भी टूटने की वजह बन सकता है।
फिर भी, इस घटना ने उपभोक्ताओं के बीच वाहन की गुणवत्ता और सुरक्षा को लेकर चिंता पैदा कर दी है। साथ ही यह भी स्पष्ट होता है कि बच्चों की लापरवाही से की गई छोटी हरकत भी बड़े नुकसान का कारण बन सकती है।
फिलहाल, इस मामले को लेकर स्थानीय स्तर पर चर्चा जारी है और लोग यह जानना चाहते हैं कि आखिर एक छोटे से पत्थर से टाटा सफारी जैसी एसयूवी का सनरूफ कैसे टूट गया।







कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें