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मुख्य चुनाव आयुक्त का संकेत बिहू से पहले असम में चुनाव की संभावना



गुवाहाटी, देश के मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने गुवाहाटी में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में संकेत देते हुए बताया कि असम में बिहू से पहले चुनाव की संभावनाएं हैं। बिहू असम का सबसे महत्व पूर्ण जातीय पर्व है अतः इसको ध्यान में रखकर ही चुनाव करवाए जाएंगे। तीन दिवसीय दौरे पर असम पहुंचे मुख्य चुनाव आयुक्त ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि दिल्ली लौटकर विस्तृत समीक्षा के बाद चुनाव की तारीख के चरणों की घोषणा की जाएगी। मुख्य चुनाव आयुक्त के नेतृत्व में पूर्ण आयोग ने गुवाहाटी में राजनीतिक दलों, जिला निर्वाचन अधिकारियों और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों के साथ बैठक कर चुनाव तैयारी की समीक्षा की। इसके अलावा राज्य के मुख्य सचिव, मुख्य निर्वाचन अधिकारी और पुलिस महानिदेशक के साथ भी अलग-अलग बैठकर आयोजित की गई। आयोग ने कानून व्यवस्था, संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान, सुरक्षा बलों की तैनाती और निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित करने के उपायों पर विस्तृत चर्चा की।आयोग ने स्पष्ट निर्देश दिया कि चुनाव प्रक्रिया संविधान कानून और आयोग के दिशा निर्देशों के अनुसार ही संचालित होगी। असम की 126 विधानसभा सीटों की संरचना पर प्रकाश डालते हुए आयोग ने बताया कि इनमें से 19 सीट अनुसूचित जनजाति और 8 सीट अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित है। विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण अभियान प्रकाशित प्रारूप मतदाता सूची में 2.52 करोड़ मतदाताओं के नाम शामिल थे। दावा आपत्ति के निपटान के बाद अंतिम सूची में 2.49 करोड़ मतदाताओं के नाम दर्ज किए गए। आयोग के अनुसार घटाये गए नाम के मुकाबले अब तक केवल 500 अपीले प्राप्त हुई है। आयोग ने कहा कि इस बार मतदाता सूची को अधिक समावेशी बनाने और योग्य मतदाता को मतदान से वंचित न होने देने पर विशेष ध्यान दिया गया है। इस बार चुनाव में कई नई व्यवस्थाएं लागू की गई है। इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन में उम्मीदवारों की रंगीन तस्वीरें होंगी और नाम बड़े-बड़े अक्षरों में अंकित किए जाएंगे। मतदान केंद्र के बाहर मोबाइल जमा करने के लिए विशेष काउंटर स्थापित किए जाएंगे। मतपत्र सामग्री में उन्नत गुणवत्ता की तस्वीरें का उपयोग होगा तथा फ्रंट का आकार बढ़ाया जाएगा। पहली बार प्रत्येक मतदान केंद्र पर अधिकतम 1200 मतदाताओं की सीमा तय की गई है। राज्य में कुल 24,598 मतदान केंद्र स्थापित किए जाएंगे।जिनमे ग्रामीण क्षेत्रों में 20,111 और शहरी क्षेत्र में 4,487 केंद्र होंगे। राज्य में 126 मॉडल मतदान केंद्र बनाए जाएंगे। इसके अलावा 1500 से अधिक मतदान केद्रो का संचालन पूरी तरह से महिला कर्मियों द्वारा किया जाएगा। प्रत्येक केंद्र पर औसतन 963 मतदाता होंगे। सभी मतदान केद्र पर पेयजल, शौचालय, रैंप, व्हील चेयर, सहायता कक्ष, पर्याप्त रोशनी और छाया जैसी न्यूनतम सुविधाएं सुनिश्चित की जाएगी। 100% मतदान केदो पर वेब कास्टिंग की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। ताकि पारदर्शिता बनी रहे। पार्टी सहायता डेस्क मतदान केंद्र से कम से कम 100 मीटर की दूरी पर स्थापित किए जाएंगे। मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा कि संशोधित मतदाता सूची को समावेशी बनाने के लिए युवाओ की भागीदारी पर बिशेष बल दिया गया है। कालेजो में जागरूकता कार्यक्रम चलाने के लिए सहायक निर्वाचन पंजीकरण अधिकारियों की नियुक्ति की गई है। आयोग ने प्रवर्तन एजेंसियों, आयकर, नारकोटिक्स, आबकारी और अन्य विभागों के साथ भी समीक्षा बैठक की है। ताकि चुनाव के दौरान धनबल और अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाया जा सके। आयोग ने अधिकारियों को बिना किसी दबाव या पक्षपात के कानून को शक्ति से लागू करने का निर्देश दिया है। आयोग की टीम ने दो नए मतदाताओं को मतदाता पहचान पत्र भी प्रदान किए हैं। आयोग ने दोहराया कि असम में स्वतंत्र निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव सुनिश्चित करना उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है।

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