नई दिल्ली: बाढ़ की स्थिति को देखते हुए गृह मंत्रालय ने असम के चराईदेव और शिवसागर जिलों में जनगणना 2027 के मकान सूचीकरण की समयसीमा बढ़ाकर 31 अक्टूबर कर दी है।
जनगणना 2027 के आवास और मकान सूचीकरण चरण के लिए असम में मूल रूप से 17 अगस्त से 15 सितंबर तक 30 दिनों का समय निर्धारित किया गया था। इससे पहले 2 अगस्त से 16 अगस्त तक 15 दिनों की स्व-गणना की व्यवस्था थी।
गृह मंत्रालय की ओर से गुरुवार को जारी नई अधिसूचना के अनुसार, चराईदेव और शिवसागर जिलों में मकान सूचीकरण का काम अब 31 अक्टूबर तक पूरा किया जा सकेगा।
पूरे देश में मकान सूचीकरण चरण 30 सितंबर तक पूरा किया जाना था। वहीं, जनसंख्या गणना का दूसरा चरण फिलहाल लद्दाख और जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश तथा उत्तराखंड के बर्फबारी प्रभावित क्षेत्रों में चल रहा है और सितंबर के अंत तक पूरा होना है। चुनाव वाले राज्यों उत्तर प्रदेश, पंजाब, गोवा और उत्तराखंड के गैर-बर्फीले क्षेत्रों में इसे पहले शुरू किया गया है।
चार चुनावी राज्यों में जनसंख्या गणना 1 दिसंबर 2026 से 4 जनवरी 2027 के बीच होगी, जबकि 5 जनवरी 2027 को संदर्भ तिथि रखा गया है।
परंपरागत रूप से जनसंख्या गणना का चरण जनगणना वर्ष के फरवरी महीने में पूरे देश में आयोजित किया जाता है और उसी वर्ष 1 मार्च को संदर्भ तिथि रखा जाता है।
बाढ़ प्रभावित चराईदेव और शिवसागर में मकान सूचीकरण की समयसीमा बढ़ाने का फैसला मौजूदा बाढ़ की स्थिति को देखते हुए लिया गया है। अगस्त में बाढ़ के कारण जनगणना से संबंधित प्रशिक्षण कार्यक्रमों और अन्य तैयारियों को भी स्थगित करना पड़ा था।










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