फैंसी बाजार प्रकरण पर मारवाड़ी सम्मेलन का स्पष्ट संदेश - Rise Plus

NEWS

Rise Plus

असम का सबसे सक्रिय हिंदी डिजिटल मीडिया


Post Top Ad

Snakiy Makhana (Adv.)

फैंसी बाजार प्रकरण पर मारवाड़ी सम्मेलन का स्पष्ट संदेश


गुवाहाटी। महान गायक जुबीन गर्ग के असमय निधन से संपूर्ण असम के साथ-साथ हिंदी भाषी समाज में भी गहरा शोक व्याप्त है। जुबीन दा केवल असम के नहीं, बल्कि समूचे भारत के गौरव थे। उनकी आवाज़, उनकी संवेदनशीलता और उनके गीतों ने भाषाई सीमाओं को पार कर हर दिल में जगह बनाई थी। इसलिए हम उन्हें न केवल एक महान कलाकार, बल्कि अपने 'अतिप्रिय जुबीन दा' के रूप में स्मरण करते रहेंगे।


हमारी संवेदनाएँ उनके परिवार, असम के संगीत प्रेमियों और समूचे समाज के साथ हैं। यही कारण है कि असम का हिंदी भाषी समाज इस वर्ष दीपावली का पर्व सादगीपूर्वक मना रहा है। दीपावली से पूर्व ही पूर्वोत्तर प्रदेशीय मारवाड़ी सम्मेलन, कामरूप चैंबर ऑफ कॉमर्स, श्री दिगंबर जैन पंचायत सहित विभिन्न सामाजिक संगठनों ने समाज के सभी वर्गों से अपील की थी कि जुबीन दा की स्मृति में दीपावली सादगी और पारंपरिक तरीके से मनाई जाए तथा पटाखों के उपयोग से परहेज़ किया जाए।


इसके बाद अधिकांश लोगों ने न केवल पटाखों से परहेज़ किया, बल्कि घरों में न्यूनतम सजावट की और केवल दीयों व मोमबत्तियों से प्रकाश किया गया। सोमवार को जुबिन दा के निधन के एक माह पूरा होने पर फैंसीबाजार में समाज के गणमान्य व्यक्तियों की मौजूदगी में फैंसीबाजार के असमिया मारवाड़ी समाज ने उनकी याद में सामूहिक रूप से दीप जलाकर श्रद्धांजलि अर्पित की। हमारे समाज द्वारा आयोजित सांस्कृतिक तथा सामाजिक कार्यक्रम रद्द कर दिए गए हैं, जिनमें हर वर्ष आयोजित होने वाला गोपाष्टमी मेला भी शामिल है। यह निर्णय असम के दुख में सहभागी होने की भावना से लिया गया है।


हमें खेद है कि मीडिया के एक वर्ग में हमारे समाज के बारे में गलत प्रचार किया जा रहा है। सोमवार की रात कुछ असामाजिक तत्वों ने फैंसी बाज़ार क्षेत्र में जानबूझकर बड़े पटाखे फोड़े और मीडिया का एक वर्ग उस फुटेज के साथ गगनचुंबी इमारतों को बार-बार दिखाकर हमारे समाज के लोगों के प्रति भ्रम फैलाने का कार्य कर रहा है, जबकि इस घटना में हमारे समाज की कोई भागीदारी नहीं है। इस बात से हमारा पूरा समाज आहत है।


हम स्पष्ट करना चाहते हैं कि यह पूर्णतः असत्य और भ्रामक प्रचार है। हमारे किसी भी संगठन या समुदाय के सदस्य का इस घटना से कोई संबंध नहीं है। यह कार्य कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा जानबूझकर किया गया, ताकि समाजों के बीच गलतफहमी उत्पन्न हो सके। हम मीडिया के सम्मानित साथियों से निवेदन करते हैं कि किसी भी समुदाय पर टिप्पणी करने या धारणा बनाने से पहले तथ्यों का सत्यापन करें और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने में सहयोग दें।


पूर्वोत्तर प्रदेशीय मारवाड़ी सम्मेलन कुछ तत्वों द्वारा एक पत्रकार पर हुए हमले की निंदा करते हुए यह भी स्पष्ट करना चाहता है कि इस हमले में हमारे समाज के किसी भी सदस्य का हाथ नहीं है।


हम पुनः दोहराना चाहते हैं कि असम का हित ही हमारा हित है, और असम का सुख-दुख ही हमारा सुख-दुःख है। हम असम की अस्मिता, संस्कृति और सौहार्द के पक्षधर हैं और रहेंगे।



कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

नियमित रूप से WhatsApp पर हमारी खबर प्राप्त करने के लिए दिए गए 'SUBSCRIBE' बटन पर क्लिक करें