जब किसी को दिल की बीमारी का पता चलता है, तो लगता है कि जिंदगी खत्म हो गई। लेकिन डॉक्टरों का कहना है कि सही इलाज और रोजमर्रा की आदतों में थोड़े से बदलाव से कोई भी खुशहाल और ऐक्टिव जिंदगी जी सकता है।
सबसे पहले यह समझें कि सिर्फ दवाइयों से दिल ठीक नहीं रह सकता। खाना, कसरत, नींद और दिमाग की शांति—ये चार पहिए हैं जो दिल को लंबा चलाते हैं। अपनी थाली में ताजे फल, हरी सब्जियां, मोटा अनाज, दालें और सीमित मात्रा में मेवे शामिल करें।
नमक, चीनी और तेल की मात्रा कम करें। रोज 20-30 मिनट हल्की सैर करें। लंबे समय तक कुर्सी पर न बैठे रहें, हर घंटे उठकर 2 मिनट टहलें। तंबाकू से पूरी तरह दूरी बनाएं और तनाव कम करने के लिए ध्यान या गहरी सांस लेने का अभ्यास करें।









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