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जोरहाट को विकास की बड़ी सौगात, चिनामरा रेलवे ओवरब्रिज समेत कई परियोजनाओं का उद्घाटन

 


मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने कहा—आधुनिक बुनियादी ढांचे के साथ जनसेवा को नई गति देना सरकार की प्राथमिकता


जोरहाट, जोरहाटवासियों के लिए रविवार का दिन विकास की कई महत्वपूर्ण सौगात लेकर आया। असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने जिले में विभिन्न महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं का उद्घाटन एवं लोकार्पण कर उन्हें जनता को समर्पित किया। इस अवसर पर जोरहाट के विधायक जितेंद्र नाथ गोस्वामी, टियोक विधायक विकास सैकिया, मरियानी विधायक ज्योति कुर्मी सहित विभिन्न जनप्रतिनिधि एवं प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।


दिन की प्रमुख परियोजनाओं में चिनामरा का नवनिर्मित रेलवे ओवरब्रिज रहा। मुख्यमंत्री ने इसका उद्घाटन करते हुए इसे क्षेत्र की यातायात एवं संपर्क व्यवस्था को मजबूत करने वाली महत्वपूर्ण परियोजना बताया। लंबे समय से रेलवे लेवल क्रॉसिंग पर लगने वाले जाम के कारण वाहन चालकों और आम लोगों को होने वाली परेशानी अब काफी हद तक दूर होने की उम्मीद है। रेलवे क्रॉसिंग पर ट्रेनों के गुजरने के दौरान वाहनों को लंबे समय तक इंतजार नहीं करना पड़ेगा और आवागमन अधिक सुचारु होगा।


मुख्यमंत्री ने कहा कि बेहतर सड़क एवं रेल संपर्क केवल यातायात को आसान नहीं बनाता, बल्कि इससे व्यापार, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी गति मिलती है। चिनामरा रेलवे ओवरब्रिज के शुरू होने से जोरहाट शहर के साथ-साथ मरियानी और तिताबर की ओर आने-जाने वाले लोगों को भी सुविधा मिलेगी। इसके अलावा पड़ोसी राज्य नागालैंड के साथ व्यापारिक एवं परिवहन संपर्क को मजबूत करने में भी यह परियोजना महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।


49.62 करोड़ की लागत से बना आधुनिक जिला आयुक्त कार्यालय


मुख्यमंत्री ने चिनामरा में 53 बीघा से अधिक भूमि पर 49.62 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित जिला आयुक्त के एकीकृत कार्यालय भवन का भी उद्घाटन किया। इसका शिलान्यास 15 दिसंबर 2022 को किया गया था। आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित यह भवन जोरहाट जिला प्रशासन के लिए एक नए अध्याय की शुरुआत माना जा रहा है।


नए भवन में 151 सीटों वाला सभागार, 60 सीटों वाला सम्मेलन कक्ष, 50 किलोवाट की सौर ऊर्जा व्यवस्था, पर्याप्त पार्किंग तथा कर्मचारियों के लिए आवासीय सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। इन सुविधाओं से प्रशासनिक कार्यों को अधिक व्यवस्थित करने के साथ आम जनता को सरकारी सेवाएं बेहतर ढंग से उपलब्ध कराने में मदद मिलने की उम्मीद है।


वर्ष 1914 में ब्रिटिश शासनकाल में निर्मित ऐतिहासिक ‘लाल कोर्ट’ से आधुनिक सुविधाओं से युक्त नए प्रशासनिक भवन तक जोरहाट का प्रशासनिक सफर अब एक नए दौर में प्रवेश कर रहा है। यह बदलाव केवल भवन परिवर्तन नहीं, बल्कि प्रशासनिक व्यवस्था को आधुनिक, तकनीक-सक्षम और अधिक जनमुखी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।


शिक्षा के क्षेत्र में भी नई सुविधाओं का विस्तार


मुख्यमंत्री ने लुईतपरिया मिरींग उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के नवनिर्मित भवन का भी उद्घाटन किया। वर्ष 1983 में स्थापित इस शिक्षण संस्थान के नए भवन से विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण और आधुनिक सुविधाएं मिलने की उम्मीद है।


इसके साथ ही शिवसागर विश्वविद्यालय के नए छात्रावास को भी जनता को समर्पित किया गया। छात्राओं के लिए निर्मित यह नया आवासीय परिसर विश्वविद्यालय में अध्ययनरत छात्राओं को बेहतर एवं सुविधाजनक आवासीय वातावरण उपलब्ध कराने में सहायक होगा।


विकास के साथ जनसेवा को प्राथमिकता


उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य केवल नई परियोजनाओं का निर्माण करना नहीं, बल्कि ऐसी आधारभूत सुविधाएं विकसित करना है जिनका सीधा लाभ आम जनता तक पहुंचे।


उन्होंने कहा कि बेहतर सड़क एवं रेलवे संपर्क, आधुनिक प्रशासनिक व्यवस्था और शैक्षणिक संस्थानों में सुविधाओं का विस्तार राज्य के समग्र विकास की आधारशिला है। विकास योजनाओं का वास्तविक उद्देश्य लोगों के जीवन को आसान, सुविधाजनक और बेहतर बनाना है।


उन्होंने कहा कि परिवहन व्यवस्था मजबूत होने से लोगों का समय बचेगा, व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और विभिन्न क्षेत्रों के बीच संपर्क और मजबूत होगा। सरकार आधुनिक बुनियादी ढांचे के निर्माण के साथ-साथ जनसेवा को अधिक प्रभावी और जनमुखी बनाने की दिशा में लगातार कार्य कर रही है।


जोरहाट के विकास को मिलेगी नई गति


एक ही दिन में रेलवे संपर्क, यातायात व्यवस्था, जिला प्रशासन, विद्यालय और विश्वविद्यालय से जुड़ी महत्वपूर्ण परियोजनाओं के उद्घाटन से जोरहाट के विकास को नई गति मिलने की उम्मीद है। चिनामरा रेलवे ओवरब्रिज जहां रोजमर्रा के आवागमन को आसान बनाएगा, वहीं आधुनिक जिला आयुक्त कार्यालय प्रशासनिक सेवाओं को नया स्वरूप देगा।


शैक्षणिक संस्थानों के नए भवन और छात्रावास विद्यार्थियों के लिए बेहतर सुविधाओं का आधार तैयार करेंगे। ऐसे में 13 सितंबर का दिन जोरहाट के लिए आधुनिक विकास, बेहतर संपर्क और मजबूत जनसेवा की दिशा में एक महत्वपूर्ण पड़ाव के रूप में याद किया जाएगा।

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