खेल, नशा विरोधी जागरूकता और पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश
गुवाहाटी। गांधी जयंती एवं पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती के अवसर पर चंद्रपुर क्षेत्र के ठाकुरकुची गांव स्थित खामब्रेंगा बील में छठी ऑल असम खामब्रेंगा मैराथन का आयोजन किया गया। खामब्रेंगा खेल प्रबंधन समिति और एच.एल. पोद्दार फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस प्रतियोगिता में असम के विभिन्न हिस्सों से 300 से अधिक प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया।
मैराथन का उद्देश्य युवाओं को खेलों के प्रति प्रोत्साहित करने के साथ स्वच्छता, नशा विरोधी जागरूकता, खामब्रेंगा बील के संरक्षण, हाथी संरक्षण तथा जैव-विविधता की सुरक्षा के प्रति लोगों को जागरूक करना था। आयोजन के दौरान गांव के बच्चों के लिए चित्रकला प्रतियोगिता भी आयोजित की गई।
15 वर्ष एवं उससे अधिक आयु के पुरुषों और महिलाओं के लिए 21 किलोमीटर दौड़ को सुबह 5 बजे खामब्रेंगा खेल प्रबंधन समिति के मुख्य सलाहकार एवं एच.एल. पोद्दार फाउंडेशन के अध्यक्ष अजय पोद्दार ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। अन्य श्रेणियों की प्रतियोगिताओं का शुभारंभ पूर्व अध्यक्ष नरेश्वर बसुमतारी, अध्यक्ष संजय तुमंग सहित पदाधिकारियों एवं विशिष्ट अतिथियों ने किया। इस अवसर पर सचिव निर्मल फांगचू, उपाध्यक्ष देवदास सिन्हा, कार्यकारी अध्यक्ष मनोज इंग्ती और कोषाध्यक्ष अजीत दैमारी सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे।
प्रतियोगिता चार श्रेणियों में आयोजित की गई। 15 वर्ष एवं उससे अधिक आयु वर्ग के पुरुष एवं महिलाओं के लिए 21 किलोमीटर तथा 7 से 14 वर्ष आयु वर्ग के लड़के एवं लड़कियों के लिए 10 किलोमीटर दौड़ रखी गई।
21 किलोमीटर पुरुष वर्ग में गोलाघाट के तिखेश्वर कुर्मी ने प्रथम, धेमाजी के मिगोम तायुंग ने द्वितीय और जोरहाट के ब्रजेन ताई ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। महिला वर्ग में कार्बी आंगलोंग की छांगमिर टेरोनपी प्रथम, तिनसुकिया की फुलमोनी ओरांग द्वितीय और कार्बी आंगलोंग की कजुली क्रोपी तृतीय रहीं।
21 किलोमीटर दौड़ में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वालों को क्रमशः 20 हजार, 15 हजार और 10 हजार रुपये का नकद पुरस्कार दिया गया। वहीं 10 किलोमीटर दौड़ में प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान के लिए क्रमशः 5 हजार, 3 हजार और 2 हजार रुपये के पुरस्कार प्रदान किए गए। 21 किलोमीटर पुरुष एवं महिला वर्ग में सात-सात सांत्वना पुरस्कार भी दिए गए।
पुरस्कार वितरण समारोह ठाकुरकुची गांव के कृष्णकमला सभागार में आयोजित हुआ। संयुक्त सचिव पूर्णिमा बोंगजांग ने कार्यक्रम का संचालन किया। अजय पोद्दार एवं संजय तुमंग ने स्वागत भाषण दिया, जबकि अध्यक्षीय संबोधन पूर्व अध्यक्ष एवं चंद्रपुर नागरिक समिति के अध्यक्ष नरेश्वर बसुमतारी ने किया।
समारोह में डिमोरिया विधायक डॉ. तपन दास, जीएमसी पार्षद राशि बोरा सैकिया, कॉटन विश्वविद्यालय के सहायक प्रोफेसर डॉ. नारायण शर्मा, तिवा स्वायत्त परिषद की कार्यकारी सदस्य जबा इंग्ती, कार्बी कल्याण स्वायत्त परिषद के मुख्य कार्यकारी सदस्य डॉ. छारसिंग इंग्ती काठार, चंद्रपुर ग्राम रक्षा दल की अंचल अधिकारी अनिंदिता शर्मा, कार्बी स्वायत्त परिषद के कार्यकारी सदस्य दीपेन राहंग सहित रुनुमी बोरो, रंजीत बोंगजांग, रुमा बोरो एवं अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
मैराथन के पुरस्कार एवं जर्सी के मुख्य प्रायोजक एच.एल. फाउंडेशन रहे। टाटा हिताची की ओर से क्षेत्रीय प्रबंधक पल्लव फुकन ने सहयोग प्रदान किया। वहीं कंचन पोद्दार के स्वामित्व वाले घरेलू अचार ब्रांड रसावेद ने भी आयोजन में योगदान दिया। सहयोग के लिए एच.एल. पोद्दार फाउंडेशन, टाटा हिताची और रसावेद को सम्मानित किया गया।
प्रतिभागियों की चिकित्सा सहायता के लिए पीयूष ग्रुप के चिकित्सकों एवं भौतिक चिकित्सकों की टीम मौजूद रही। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र एवं ग्राम रक्षा दल के सहयोग से भी आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई गईं।
आयोजकों ने बताया कि मैराथन के माध्यम से चंद्रपुर क्षेत्र के युवाओं को खेलों से जोड़ने और स्वस्थ जीवनशैली के लिए प्रेरित करने के साथ खामब्रेंगा बील को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की संभावनाओं के प्रति जागरूकता पैदा करना प्रमुख उद्देश्य है। इसके साथ ही बील की जैव-विविधता, हाथियों और प्राकृतिक पर्यावरण के संरक्षण का संदेश भी लोगों तक पहुंचाया गया।










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