वैदिक मंत्रोच्चार एवं स्वस्तिवाचन के साथ विधि-विधान से हुआ पूजन-अर्चन
गुवाहाटी। श्री परशुराम सेवा सदन, छत्रीबाड़ी में आयोजित श्रीमद्भागवत महापुराण के पावन अवसर पर भवन के प्रवेश द्वार पर श्री सिद्धिविनायक गणेश जी की प्रतिमा विधि-विधान एवं वैदिक मंत्रोच्चार के साथ स्थापित की गई। भागवत आचार्य पंडित नंदू जी महाराज के सान्निध्य में वैदिक मंत्रोच्चार एवं स्वस्तिवाचन के साथ प्रतिमा का पूजन-अर्चन संपन्न हुआ।
इस अवसर पर पंडित नंदू जी महाराज ने कहा कि भगवान श्री गणेश प्रथम पूज्य एवं विघ्नहर्ता हैं। इसी भावना के साथ श्री सिद्धिविनायक गणेश जी की प्रतिमा भवन के प्रवेश द्वार पर स्थापित की गई है, ताकि यहां आयोजित होने वाले सभी धार्मिक, सामाजिक एवं आध्यात्मिक कार्यक्रम निर्विघ्न रूप से संपन्न हों।
उन्होंने कहा कि श्री परशुराम सेवा सदन के निर्माण एवं संचालन में प्रत्यक्ष अथवा अप्रत्यक्ष रूप से सहयोग देने वाले सभी लोगों के अभीष्ट कार्य भगवान श्री सिद्धिविनायक गणेश जी पूर्ण करें तथा उनके परिवारों में सुख-शांति, समृद्धि एवं आनंद बनाए रखें।
प्रतिमा स्थापना के अवसर पर पंडित मुकेश भारद्वाज, पंडित अरुण शर्मा एवं पंडित ओमप्रकाश दाधीच ने विधिवत पूजन-अर्चन कराया। श्री परशुराम सेवा सदन के प्रबंधक ओमप्रकाश शर्मा एवं मनोज शर्मा ने भगवान श्री गणेश का पूजन कर मोदक का भोग अर्पित किया और आरती की।
इस अवसर पर श्रीमद्भागवत कथा से जुड़े श्रद्धालु एवं भक्तजन उपस्थित रहे। प्रतिमा स्थापना के बाद पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। श्रद्धालुओं ने ‘गणपति बप्पा मोरया’ के जयघोष के साथ भगवान श्री गणेश का वंदन किया।





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