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फखरुल इस्लाम बारुभुयान की तीन दशक से एक जिले में तैनाती पर सवाल, खदानों और वन संसाधनों को लेकर आरोप


कछार फॉरेस्ट डिपार्टमेंट के तहत एक ही जिले में करीब तीन दशकों से काम कर रहे एक फॉरेस्ट ऑफिसर के बारे में कई आरोप सामने आए हैं। फखरुल इस्लाम बारुभुयान को हाल ही में डिप्टी रेंजर के पद पर प्रमोट किया गया था। आरोप है कि प्रमोशन के बाद भी उनके काम करने की जगह नहीं बदली है। लंबे समय से एक ही जिले में काम करने के अलावा, उधारबंद रेंज में उनकी जिम्मेदारी के तहत आने वाली अलग-अलग खदानों, बालूमहाल और जंगल के इलाकों को लेकर भी सवाल उठे हैं।


शिकायत करने वालों का दावा है कि उधारबंद रेंज में मधुरा और मरुआछारा पत्थर खदानों और डोलू बालूमहाल में रेत और पत्थर निकालने और ट्रांसपोर्टेशन में नियमों का उल्लंघन किया जा रहा है। यह भी आरोप है कि इसके चलते सरकार को मिलने वाले रेवेन्यू का नुकसान हो रहा है। हालांकि, आरोपों के सपोर्ट में कोई खास फाइनेंशियल अकाउंट या सरकारी डॉक्यूमेंट अभी तक पब्लिक नहीं किए गए हैं।

इसके अलावा, लोकल लोगों ने आरोप लगाया है कि बॉबी चोरा खासिया पुंजी के सागौन प्लांटेशन से कई सागौन के पेड़ काटकर उनकी स्मगलिंग की जा रही है। उनका दावा है कि संबंधित फॉरेस्ट कर्मचारियों की मॉनिटरिंग और अपने काम में लापरवाही के कारण जंगल के संसाधनों की स्मगलिंग हो रही है। शिकायत करने वालों ने डिप्टी रेंजर और संबंधित फॉरेस्ट ऑफिसर फखरुल इस्लाम बरभुइया की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं। उनका आगे दावा है कि पेड़ों की इस तरह कटाई से सरकारी संसाधनों के साथ-साथ रेवेन्यू का भी नुकसान हो रहा है।

ऐसे में, इस बात की जांच की मांग की जा रही है कि पिछले कुछ सालों में मधुरा, मरुआछारा और डोलूर खदानों-बालूमहाल से कितनी रेत और पत्थर निकाले गए हैं, इसके बदले कितना रेवेन्यू इकट्ठा किया गया है और क्या ट्रांसपोर्टेशन में नियमों का पालन किया गया है। साथ ही, लोकल लोगों ने मांग की है कि बॉबी चोरा खासिया पुंजी के सागौन प्लांटेशन में पेड़ों की कटाई के आरोपों की जांच की जाए। शिकायत करने वालों के एक ग्रुप का दावा है कि करीब 30 साल तक एक ही जिले में काम करने के मामले की एडमिनिस्ट्रेटिव जांच भी होनी चाहिए। संबंधित फॉरेस्ट ऑफिसर का दूसरे जिले में ट्रांसफर करके खदान, रेत माइनिंग और फॉरेस्ट रिसोर्स स्मगलिंग के आरोपों की हाई-लेवल निष्पक्ष जांच की भी मांग की गई है। कछार डिस्ट्रिक्ट डिविजनल फॉरेस्ट ऑफिसर ने कहा कि उन्हें इस बारे में शिकायत मिली है और जांच चल रही है।

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