रमेश मुंदड़ा
होजाई: मारवाड़ी पंचायत के पूर्व उपाध्यक्ष, विशिष्ट व्यवसायी एवं समाज सेवक श्री नरेंद्र भीमसरिया (73) के आकस्मिक निधन के समाचार से उनके शुभचिंतकों और परिवार के सदस्यों में शोक की लहर छा गई है। मृदुभाषी, सभी को साथ लेकर चलने में विश्वास रखने वाले और स्पष्टवादी भीमसरिया समाज की कई संस्थाओं से सक्रिय रूप से जुड़े हुए थे। वे हमेशा दिखावे से दूर रहकर कार्य करने में विश्वास रखते थे। गुरुजनों और ब्राह्मणों का आदर-सम्मान करना उनके जीवन का मुख्य लक्ष्य रहा। वे हमेशा गुप्त दान देने के प्रबल हिमायती रहे। आज उनके निधन पर समाज की कई संस्थाओं ने उन्हें पुष्पांजलि अर्पित की और दिवंगत आत्मा की सदगति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की। तत्पश्चात, लालपट्टी स्थित उनके निवास से शवयात्रा भूतनाथ शमशान के लिए निकली, जहाँ उनके दोनों पुत्रों निशांत व नवीन ने अश्रुपूर्ण नेत्रों से अपने पिता को अंतिम विदाई दी। इस वक्त शमशान में उपस्थित सभी लोगों ने कहा कि आज समाज ने एक सच्चे समाज सेवक को खो दिया है, जिसकी भरपाई भविष्य में होना असंभव है। वे अपने पीछे धर्मपत्नी, पुत्र सहित हरा-भरा पूरा परिवार छोड़ गए हैं। वे हमेशा कहा करते थे—"जो है, जितना है, उसमें खुश रहना चाहिए।



.png)

कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें