अयोध्या से परशुराम कुंड तक 4 दिसंबर से निकलेगी आमंत्रण रथयात्रा, 150 से अधिक प्रतिनिधियों ने लिया भाग
कोलकाता। विप्र फाउंडेशन की राष्ट्रीय कार्यकारिणी समिति की विशेष बैठक रविवार को कोलकाता के स्प्रिंग क्लब, ईएम बाईपास में राष्ट्रीय अध्यक्ष सत्यनारायण श्रीमाली की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में देश के विभिन्न राज्यों से 150 से अधिक राष्ट्रीय पदाधिकारी, कार्यकारिणी सदस्य, क्षेत्रीय पदाधिकारी एवं विशेष आमंत्रित प्रतिनिधि शामिल हुए। उपस्थिति पंजिका में 147 प्रतिनिधियों के हस्ताक्षर दर्ज किए गए। बैठक का सीधा प्रसारण ऑनलाइन माध्यम से भी किया गया, जिससे देश के विभिन्न क्षेत्रों में मौजूद सदस्य कार्यवाही से जुड़े रहे। बैठक का संचालन संगठन महामंत्री डॉ. सुनील शर्मा ने किया।
बैठक में विप्र फाउंडेशन की सांगठनिक एकजुटता भी स्पष्ट रूप से देखने को मिली। फाउंडेशन के दोनों अनुषांगिक संगठनों के शीर्ष पदाधिकारी विप्र चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. विजय बसोतिया तथा इंटरनेशनल सोसाइटी फॉर परशुराम कॉन्शसनेस की चेयरपर्सन डॉ. हर्षा त्रिवेदी उपस्थित रहीं। संस्थापक सुशील ओझा के साथ संस्था के तीन पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष बनवारीलाल सोती, धर्मनारायण जोशी और राधेश्याम शर्मा ‘गुरुजी’ ने भी बैठक में भाग लिया। विधायक डॉ. राजेश कुमार एवं विधायक विजय ओझा की उपस्थिति ने आयोजन को गरिमा प्रदान की।
क्षेत्रीय अध्यक्ष सतीश चंद्र शर्मा, विद्याधर पारीक एवं पुरुषोत्तम शर्मा, मुख्य समन्वयक श्रीकिशन जोशी सहित के.के. उपाध्याय, जगदीश मिश्रा, राजकुमार सोती, प्रवीण त्रिवेदी, के.के. शर्मा, भरतराम तिवारी और दीपू शर्मा समेत समाज के अनेक प्रमुख लोग बैठक में मौजूद रहे। बैठक का आयोजन विप्र फाउंडेशन जोन-7, कोलकाता की ओर से जोनल अध्यक्ष किशन गोस्वामी के नेतृत्व में किया गया। उन्होंने अतिथियों एवं प्रतिनिधियों का स्वागत किया।बैठक में अरुणाचल प्रदेश के श्री परशुराम कुंड में स्थापित भगवान परशुराम की 51 फीट ऊंची प्रतिमा ‘शक्तिपुंज परशुराम’ के प्रस्तावित अनावरण समारोह की तैयारियों पर विस्तार से चर्चा हुई। इसी क्रम में श्री परशुराम कुंड आमंत्रण रथयात्रा निकालने की घोषणा की गई।
रथयात्रा 4 दिसंबर 2026 को अयोध्या से प्रारंभ होकर 24 दिसंबर को श्री परशुराम कुंड पहुंचेगी। यात्रा के दौरान देश के विभिन्न क्षेत्रों में श्रद्धालुओं एवं समाजबंधुओं को भगवान परशुराम की प्रतिमा के अनावरण समारोह के लिए आमंत्रित किया जाएगा। प्रतिमा का अनावरण जनवरी-फरवरी 2027 में प्रस्तावित है। इसकी अंतिम तिथि संबंधित अधिकारियों से विचार-विमर्श के बाद घोषित की जाएगी।
राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में परशुराम मूर्ति स्थापना समिति का पुनर्गठन करते हुए धर्मनारायण जोशी को चेयरमैन, परमेश्वर शर्मा को अध्यक्ष और रमेश शर्मा को संयोजक मनोनीत किया गया। समिति में आठ अन्य पदाधिकारियों को भी शामिल किया गया है।संगठन के कार्यों एवं गतिविधियों की निगरानी तथा अनुशासन संबंधी मामलों के लिए अनुशासन उच्चाधिकार समिति के गठन का भी निर्णय लिया गया। इसके अध्यक्ष राधेश्याम शर्मा तथा संयोजक श्रीकांत पाराशर होंगे। समिति में डॉ. विजय बसोतिया, अशोक पारीक, महावीर प्रसाद शर्मा, कुलदीप व्यास, जितेन्द्र कुमार भारद्वाज, लोकेश शर्मा, बनवारीलाल सेवदा, रामनारायण भैरवलाल शर्मा एवं हरिनारायण व्यास को सदस्य बनाया गया है।बैठक में आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा भी तय की गई। 4 से 24 दिसंबर तक अयोध्या से श्री परशुराम कुंड तक आमंत्रण रथयात्रा, 17 से 23 दिसंबर तक गुवाहाटी में ब्रह्मपुत्र भागवत महोत्सव तथा 13 से 15 जनवरी 2027 तक श्री परशुराम कुंड में मकर संक्रांति मेला एवं राहत शिविर आयोजित किया जाएगा। भगवान परशुराम की प्रतिमा का अनावरण जनवरी-फरवरी 2027 में प्रस्तावित है, जबकि गणेश जीमण 14 मार्च 2027 को होगा।राष्ट्रीय अध्यक्ष सत्यनारायण श्रीमाली ने कहा कि श्री परशुराम कुंड में भगवान परशुराम की प्रतिमा का स्थापित होना देशभर के समाजबंधुओं के विश्वास, सहयोग और सामूहिक प्रयास का परिणाम है। उन्होंने कहा कि आमंत्रण रथयात्रा के माध्यम से देश के हर कोने तक अनावरण समारोह का निमंत्रण पहुंचाया जाएगा। अब संगठन का पूरा ध्यान प्रतिमा के भव्य अनावरण की तैयारियों पर है।
बैठक का संदेश “प्रतिमा खड़ी है, हम साथ खड़े हैं” रहा, जिसने संगठन की एकजुटता और सामूहिक संकल्प को रेखांकित किया।





.png)

कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें