मुकदमा चलाने की सीमा 1 करोड़ से बढ़ाकर 5 करोड़ रुपये; दरों में कोई बदलाव नहीं
नई दिल्ली। दिल्ली में आज जीएसटी काउंसिल की अहम बैठक संपन्न हुई। बैठक में कारोबारियों और करदाताओं के लिए बड़े राहत भरे फैसले लिए गए। काउंसिल ने तय किया कि अब जीएसटी के तहत सीधी गिरफ्तारी नहीं की जा सकेगी। गिरफ्तारी के लिए संबंधित अधिकारियों को अब पहले अदालत से आदेश लेना होगा।
बैठक में मुकदमा चलाने की सीमा को 1 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 5 करोड़ रुपये करने का फैसला किया गया। इसका मतलब है कि अब 5 करोड़ रुपये से कम के मामलों में आपराधिक मुकदमा नहीं चलेगा। काउंसिल ने नियमों का पालन आसान बनाने और कानूनी विवाद कम करने के लिए कई प्रस्तावों पर मंजूरी दी। हालांकि, पूर्व निर्धारित जीएसटी दरों में किसी तरह का बदलाव नहीं किया गया। दर ढांचा यथावत रखा गया है।
काउंसिल के अन्य अहम फैसलों में सामान्य जुर्माने को 50,000 रुपये से घटाकर 10,000 रुपये करना, जीएसटी रिफंड को 10 दिनों के भीतर जारी करना और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर छोटे विक्रेताओं के लिए नियम आसान बनाना शामिल है।





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