गुवाहाटी, 2 नवम्बर । असम के मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल ने गोलीबारी की दुखद घटना की निंदा करते हुए कहा की तिनसुकिया के ढोला में पांच निर्दोष आत्माओं की हत्या कुछ संगठनों के उत्तेजक वक्तव्यों के बजह से हुई है। सोनोवाल ने यह भी कहा कि घटना सार्वजनिक प्रतिनिधियों की कुछ टिप्पणियों के कारण हुई है। मुख्यमंत्री ने बताया कि असम पुलिस को इस मामले में पूरी तरह जांच करने का निर्देश दिया गया है। सरकार शांति और व्यवस्था बनाए रखने में सख्त कदम उठा रही है। मुख्यमंत्री ने बताया की पीड़ितों के रिश्तेदारों को पांच लाख रुपये की राशि का मुआवजा दिया जाएगा।
असम बंद पर सरकार ने जारी किया निर्देश
असम सरकार ने राज्य के सभी जिलों के उप-आयुक्त (डीसी) को 3 नवंबर को असम बंद से संबंधित जिलों में सभी सरकारी प्रतिष्ठानों में सामान्य कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। डीसी को यह भी सुनिश्चित करने के लिए निर्देशित किया गया है कि प्रस्तावित बंद के नाम पर कोई भी अनुचित उत्पीड़न ना हो। एक लिखित बयान में, सरकार ने प्रशासन से सभी सरकारी कार्यालयों, यातायात, व्यापारीक प्रतिष्ठानों आदि में सामान्य कामकाज सुनिश्चित करने के लिए कहा है और जनता को इस आंदोलन के वजह से कार्यालय जाने वालों के लिए कोई बाधा नहीं हो। बयान में यह भी कहा गया है कि सभी सुरक्षा एजेंसियों को शांति बनाए रखने के लिए उचित कदम उठाना होगा। यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि बंद के दौरान कोई अप्रिय घटना न हो। किसी भी तरह की अफवाह फैलाने, नफरत करने और सांप्रदायिक विवाद को रोकने के लिए सबसे सतर्कता बनाए रखने की अपील की है। अखिल असम बंगाली युवा छात्र संघ (एएबीवाईएसएफ) ने ढोला में पांच निर्दोष लोगों की हत्या के खिलाफ सुबह 5 बजे से 3 नवंबर शनिवार को 24 घंटे असम बंद करने का आह्वान किया है।








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