गुवाहाटी। कोरोना महामारी के चलते असम समेत पूर्वोत्तर के होटल व्यवसाय को 200 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हुआ है। यह आंकलन होटल इंडस्ट्री एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन आफ असम के एक सदस्य ने किया है। हालांकि, उन्होंने अपनी पहचान गुप्त रखी है।
होटल इंडस्ट्री एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन आफ असम के पूर्व पदाधिकारी व वर्तमान में सदस्य ने कहा कि कोरोना संक्रमण के मद्देनजर 22 मार्च से 17 मई तक देश व्यापी लॉकडाउन से होटल व्यवसाय को भारी नुकसान हुआ है। गुवाहाटी में ही 20 हजार से अधिक होटल में काम करने वाले लोगों को घर भेज दिया गया है। जबकि पूरे पूर्वोत्तर में 70 से 75 हजार लोगों की नौकरी जा चुकी है।
उन्होंने कहा कि होटल व्यवसाय से कई अन्य व्यवसाय जुड़े हैं। मुख्य रूप से पर्यटन व ट्रैवेल व्यवसाय। इसके अलावा अन्य छोटे-छोटे कारोबार भी जुड़े हैं। जैसे सब्जी, खाने-पानी के सामान और साफ-सफाई से जुड़े व्यवसाय को भी भारी नुकसान हुआ है। होटल व्यवसाय बंद होने के कारण शादियां, अन्य कार्यक्रम सभी बंद हो गए हैं।
उन्होंने बताया कि कुछ होटलों ने कर्मचारियों को अगले दिसम्बर माह तक के लिए छुट्टी दे दी है। जबकि कुछ ने 50 फीसद कर्मचारियों को घर भेज दिया है। उनका कहना है कि जैसे ही आवश्यकता होगी, वे फिर से बुला लेंगे। जिन होटलों में 50 फीसद कर्मचारियों की सेवाएं बहाल हैं, उन होटलों को सरकार की ओर से एकांतवास शिविर के रूप में प्रयोग किया जा रहा है।
वहीं सरकार ने रेस्टोरेंट खोलने की अनुमति तो दे दी है, लेकिन रेस्टोरेंट में खाने के लिए ग्राहक नहीं पहुंच रहे हैं। ऑन लाइन भोजन की मांग में भी बहुत कमी आई है। होटल व्यवसायी बिजली बिल माफ करने की मांग कर रहे हैं। क्योंकि बिल तो लगातार आ रहा है, जबकि उसका उपयोग नहीं हो रहा है।
एसोसिएशन द्वारा प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री व वित्त मंत्री को लिखित में होटल व्यवसाय को राहत पहुंचाने की मांग की गई है। सरकार की ओर से आश्वासन भी मिला है लेकिन अभी तक उस पर अमल नहीं किया गया है। वहीं असम सरकार की ओर से एक आर्थिक कमेटी बनाई गई है, जो सभी तरह के आर्थिकम गतिविधियों का आंकलन कर रही है। कमेटी ने अपनी रिपोर्ट मुख्यमंत्री को सौंप दी है। अब देखना है कि सरकार इस बारे में क्या कदम उठाती है। (हि.स.)








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