रविन्द्र तोदी
धुबड़ी। नागरिकता संसोधन कानून 'का' को रद्द करने की मांग फीर से तेज होती दिख रही है। तथा तमाम दल संगठन, छात्र संस्था, जातियतावादी संगठनों द्वारा एक बार फिर से विरोध प्रदर्शन, आंदोलन शुरू होता दिख रहा है। धुबड़ी जिला कृषक मुक्ति संग्राम समिति व छात्र मुक्ति संग्राम समिति के संयुक्त तत्वावधान में गोलकगंज के विराटनगर इलाके में 'का' को रद्द करने की मांग को लेकर गणगर्जन आंदोलन कार्यसुची का पालन किया गया। तथा संगठन के सदस्य कार्यकर्ताओ ने अखिल गोगोई को रिहा करने की मांग करते हुए नागरिकता कानून के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। तथा 'का' को रद्द करो, बिजेपी सरकार हाय हाय, 'का' आमी नामानूं जैसे नारो से पूरा माहौल गरमा दिया। केएमएसएस के पदाधिकारी, सदस्य, कर्मी के अलावा नवगठित राईजोर दल के पदाधिकारियों ने भी इस विरोध प्रदर्शन में भाग लिया। ईधर दक्षीण शालमारा-मानकचर जिले के मुख्यालय सदर हाटशिंघीमारी में भी अखिल असम छात्र संस्था की स्थानिय इकाई के नेतृत्व में भारी संख्या में आसु कर्मीयों ने 'का' को रद्द करने की मांग को लेकर गण हुंकार आंदोलन कार्यसुची का पालन किया। स्थानिय जिला उपायुक्त कार्यालय के सामने हाटशिंघीमारी-मानकचर प्रमुख सड़क को अवरोध कर आसु कर्मीयों ने जमकर विरोध प्रदर्शन किया तथा नारेबाजी की। आसू के जिला सचिव शरीफूल ईस्लाम प्रधानी के नेतृत्व में आसू कर्मीयों ने 'का' को रद्द करो, हमें गोली मार दो पर 'का' को हम नहीं मानेंगे,असम सरकार मुर्दाबाद, भाजपा हाय हाय आदी जैसे गगनभेदी नारों से पूरा माहौल गरमा दिया। विरोध के स्वरुप देखते हुए जिला पुलिस अधीक्षक कंकनज्योती सईकिया के नेतृत्व में जिला पुलिस उप अधीक्षक फारुख अहमद समेत पुलिस की टीम मोकै पर पहुची तथा करिब पचास से भी अधिक प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार कर थाने ले आई। हालांकि सभी को बाद में छोड़ दिया गया।ईधर आसू के जिला पदाधिकारियों ने पुलिस द्वारा इस तरह से प्रदर्शनरत कर्मीयों की गिरफ्तारी की निंदा की है। तथा 'का' रद्द न होने तक आंदोलन और भी तेज करने की सीधी धमकी दी है। मालूम हो कि मानकचर के दियारा बाजार इलाके में भी आसू नेता फिरोज अल फारुख अहमद के नेतृत्व में नागरिकता कानून के खिलाफ जमकर विरोध प्रदर्शन किया गया। तथा विरोध जुलूस भी निकाला गया।






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