गुवाहाटी। नॉर्थ ईस्ट डेमोक्रेटिक एलायंस (नेडा) के संयोजक और असम के वित्त एवं स्वास्थ्य मंत्री डॉ हिमंत विश्वशर्मा ने शुक्रवार को एक कार्यक्रम के दौरान कहा कि कृषक मुक्ति संग्राम समिति (केएमएसएस) के नेता अखिल गोगोई को माओवादी ताकतों के साथ उनके कथित संबंधों के कारण गिरफ्तार किया गया था, न कि नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) के खिलाफ रुख के लिए।
डॉ. विश्वशर्मा ने गुवाहाटी के चंद्रपुर हाजोंगबारी स्थित अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान विद्या भारती के बहुमुखी शैक्षणिक प्रकल्प के एक कार्यक्रम में हिस्सा लेने के बाद मीडिया से बातचीत के दौरान उपरोक्त बातें कही। उन्होंने कहा कि अखिल असम छात्र संघ (आसू) अब यह एक राजनीतिक दल बन गया है। आसू और असम जातीय पार्टी (एजेपी) के बीच संबंध है। इसलिए यह अब जातीय संगठन नहीं रह गया है। उन्होंने कहा कि एजेपी और केएमएसएस के राइजर दल के बीच गठबंधन से कोई प्रभाव नहीं पड़ने वाला है।
अखिल गोगोई को सीएए आंदोलन के लिए गिरफ्तार नहीं किया गया था। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने उन्हें माओवादी लिंक के लिए गिरफ्तार किया है। उनकी गिरफ्तारी का सीएए विरोधी आंदोलन से कोई संबंध नहीं है। ज्ञात हो कि गुरुवार को गौहाटी उच्च न्यायालय ने अखिल गोगोई की जमानत याचिका को खारिज कर दिया था।
डॉ. विश्वशर्मा ने कहा, “मुझे अखिल गोगोई निर्दोष हैं या नहीं, इस पर टिप्पणी करने का कोई अधिकार नहीं है। यह अदालत द्वारा तय किया जाएगा।”
केएमएसएस नेता अखिल गोगोई को दिसम्बर, 2019 में गिरफ्तार किया गया था। उच्च न्यायालय ने गुरुवार को एनआईए द्वारा गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम के तहत दर्ज एक मामले में गोगोई की जमानत याचिका खारिज कर दी।
डॉ. विश्वशर्मा ने कहा कि राज्य की राजधानी के श्रीमंत शंकरदेव कलाक्षेत्र में मियां संग्रहालय स्थापित करने को कोई भी असमिया स्वीकार नहीं करेगा। उल्लेखनीय है कि पिछले दिनों कांग्रेस के एक विधायक ने मियां संग्रहालय के विवाद को हवा दिया था, जिसको लेकर राज्य में काफी हंगामा हुआ था। (हि.स.)





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