गुवाहाटी। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित करने और खादी के लिए उनके आंदोलन को आगे बढ़ाने के लिए राज्य सरकार ने अपने फैसले को आगे बढ़ाते हुए ग्रेड-IV के पुरुष और महिला कर्मचारियों को खादी शर्ट, एरी शॉल आदि चरणबद्ध तरीके से प्रदान किया जाएगा। पहला चरण जनवरी के महीने में शुरू किया जाएगा।
राज्य सरकार के कर्मचारियों को मुफ्त खादी के कपड़े देने की प्रक्रिया को तेज करने के लिए एक बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री सोनोवाल सोनोवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सच्ची भावना से यह पहल की गई है कि वे असम के लिए आत्मनिर्भर भारत और राज्य सरकार की गतिविधियों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए काम करें। सोनोवाल ने कार्यक्रम को लागू करने के लिए हथकरघा और वस्त्र विभाग द्वारा उठाए गए कदमों पर एक चर्चा में हथकरघा और वस्त्रोद्योग मंत्री रंजीत दत्त से इसके सफल और शीघ्र कार्यान्वयन को सुनिश्चित करने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि सरकार के अपने कर्मचारियों को खादी के कपड़े भेंट करने के फैसले से राज्य में खादी उद्योग मजबूत होगा। सोनोवाल ने कहा कि यह कदम स्थानीय बुनकरों को सशक्त करेगा। क्योंकि, सरकारी कर्मचारियों को उपहार देने के लिए पहले चरण में लगभग 80 हजार खादी शर्ट, शॉल आदि कपड़ों की जरूरत होगी।
मुख्यमंत्री सोनोवाल ने कहा, “खादी उद्योग स्थानीय उद्योग का गौरव है। इस उद्योग को बढ़ावा देने से आत्मनिर्भरता और हर एक पुरुष और महिला के सशक्तीकरण की विचारधारा का समर्थन होगा। असम खादी और ग्रामोद्योग बोर्ड के कामों का जायजा लेते हुए सोनोवाल ने खादी और ग्रामोद्योग को नव जीवन देने के लिए बोर्ड को मजबूत करने की आवश्यकता को दोहराया। उन्होंने कहा कि सरकार खादी के कपड़े बेचने के लिए नए आउटलेट खोलने के लिए कदम उठाएगी। उन्होंने कहा कि खादी उद्योगों को पर्याप्त महत्व देने से महात्मा गांधी को सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
हथकरघा और वस्त्र मंत्री रंजीत दत्त, अध्यक्ष असम खादी और ग्रामोद्योग बोर्ड डॉ कमला कलिता, मुख्यमंत्री के अतिरिक्त मुख्य सचिव पबन कुमार बरठाकुर और सरकार के अन्य वरिष्ठ अधिकारी बैठक में उपस्थित थे। (हि.स.)





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