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लखीमपुर में कांग्रेस की जनसभा में भाजपा-अगप को जड़ से उखाड़ फेंकने की हुंकार



ओमप्रकाश तिवारी व राजेश राठी

भाजपा के शासनकाल में अमीर और अमीर, गरीब और गरीब होते जा रहे हैं 

भाजपा परिवर्तन के नाम पर नौटंकीया कर रही है 

लखीमपुर। लखीमपुर जिला कांग्रेस के पूर्व जिला अध्यक्ष डॉ जयप्रकाश दास के सभापतीत्व मैं कल त्याग क्षेत्र में एक विशाल जनसभा का आयोजन किया गया था । जिसमें धेमाजी और लखीमपुर जिले के हजारों कांग्रेसी कर्मियों के अलावा कांग्रेस दल के राष्ट्रीय संपादक भूपेन बोरा, पूर्व मंत्री भरत चंद्र नरह, राज्यसभा सांसद रानी नरह, कांग्रेश की नेत्री मीरा बोरठाकुर, छत्तीसगढ़ से कांग्रेस के नेता विकास उपाध्याय, लखीमपुर के पूर्व विधायक घनो बुरागुहाई के अलावा कई कांग्रेसी नेता कार्यकर्ता उपस्थित थे। लखीमपुर के त्याग क्षेत्र में आयोजित उक्त विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए कांग्रेस दल की ओर से आगामी 2021 के विधानसभा के चुनाव का रणडंका बजाते हुए सत्ताधारी भाजपा और उसके सहयोगी दल असम गण परिषद के विरुद्ध हुंकार भरी। उन्होंने कहा कि इस बार राज्य में होने वाला आगामी विधायन सभा चुनाव कांग्रेस के लिए द्वितीय स्वाधीनता का युद्ध है। पहली आजादी कांग्रेस ने अग्रेजों को भगाकर प्राप्त की थी। लेकिन इस बार कांग्रेस  अंग्रेजों की जगह भाजपा को भगाकर दूसरी बार स्वाधीनता प्राप्त करेगा और असम में कांग्रेसी की सरकार का गठन होगा। उन्होंने आगे कहा कि आनेवाले एक-ढेढ़ महीने के भीतर असम में परिवर्तन होने वाला है और जातीय कांग्रेस के नेतृत्व में इस बार निश्चित ही असम में कांग्रेस की सरकार होगी। भाजपा के विरुद्ध कांग्रेस द्वारा प्रतिवाद किए जाने पर भाजपा कांग्रेस को सांप्रदायिक कहती है। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि वर्तमान समय में दो मुख्यमंत्री हैं। एक संवैधानिक और दूसरे स्वयंभू मुख्यमंत्री हैं। विरोधी दल के उपाध्यक्ष सांसद गौरव गोगोई ने विशाल जनसभा में हिस्सा लेते हुए कहा कि भाजपा सरकार के शासन काल में क्या परिवर्तन हुआ। भाजपा के शासन काल में बस एक ही परिवर्तन हुआ, धनी और धनी हो गए और गरीब और गरीब हो गई। उन्होंने कहा कि जनता अब समझ चुकी है भाजपा द्वारा दिए गए परिवर्तन को इसलिए अब जनता परिवर्तन की मांग तो कर रही है लेकिन भाजपा द्वारा दिए गए नाटकीय परिवर्तन कि नहीं। उन्होंने भाजपा को एक सांप्रदायिक दल की संज्ञा देते हुए कहा कि भाजपा ने विगत 5 सालों में मात्र एक संप्रदाय को दूसरे संप्रदाय से लगवाने के अलावा और कोई काम ठीक तरीके से नहीं किया है। भाजपा ने महापुरुष श्रीमंता संकरदेव के आदर्शों को ताक में रखकर उनके नाम पर धर्म, जाति और भाषा की राजनीति के अलावा अपने शासनकाल में और कुछ नहीं किया। इतना ही नही उन्होंने भाजपा सरकार पर प्रश्र उठाते हए कहा कि भाजपा ने वादा किया था कि दो करोड़ सरकारी नौकरी होंगे। उन्होंने पूछा कि क्या हुआ उनकी दो करोड़ नौकरियां का जो उन्होंने देने का वादा असम की जनता से किया था। देश के शिक्षित पढ़े-लिखे युवक-युवतियों से अमित शाह ठेला लगवा कर पकौड़ी बेचने को कह रहे हैं जोकि दुर्भाग्य जनक है। उन्होंने पूछा कि क्या अमित शाह अपने पुत्र से ठेले पर पकौड़ी बिकवा पाएंगे जो वह असम के नौजवानों को बेचने के लिए कह रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि अब समय आ गया है की लखीमपुर से भारतीय जनता पार्टी और असम गण परिषद की सत्ता को अलविदा कहने का।


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