गुवाहाटी। असम विधानसभा में शुक्रवार को वित्त वर्ष 2021-22 के लिए वित्त आदि मामलों के मंत्री डॉ हिमंत विश्वशर्मा ने भाजपा नीत सर्वानंद सोनोवाल की अगुवाई वाली सरकार का अंतिम लेखानुदान सदन में पेश किया।
आगामी विधानसभा चुनावों के मद्देनजर शुक्रवार को वित्त मंत्री डॉ विश्वशर्मा ने आगामी चार महीनों के लिए लेखानुदान पेश किया। यह भाजपा गठबंधन सरकार का अंतिम लेखानुदान है।
वित्त मंत्री ने सदन में गीता के श्लोक से लेखानुदान पर अपना संबोधन आरंभ किया। लगातार पांच बार सदन में बजट प्रस्तुत करने का अवसर मिलने पर वित्त मंत्री ने मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल का आभार ज्ञापित किया। 03 जून, 2016 को असम की आर्थिक स्थिति पर श्वेत पत्र दाखिल किये जाने को याद करते हुए राज्य की आर्थिक दुर्बलता को मजबूत बनाने के लिए उनकी सरकार द्वारा किस तरह के कदम उठाये गये, अपने बजट संबोधन में इसका भी उन्होंने जिक्र किया।
डॉ विश्वशर्मा ने आगामी चार माह के लिए 60,784.03 करोड़ रुपये का लेखानुदान पेश किया। रूपकोंवर ज्योति प्रसाद अगरवाला की कविता को दोहराते हुए वित्त मंत्री ने 2019 में प्रति व्यक्ति आय 20,692 रुपये तक वृद्धि होने का उल्लेख किया जबकि राज्य कर के मद में 16,692 करोड़ रुपये की वृद्धि का भी उन्होंने जिक्र किया।
साथ ही राज्य के राजस्व कर में 16,528 करोड़ रुपये की वृद्धि हुई है। 7756 करोड़ रुपये खनिज तेल से रॉयल्टी के रूप में असम को प्राप्त हुआ है। इसके साथ ही कामाख्या मंदिर के विकास के लिए 300 करोड़ रुपये स्वीकृत किये जाने का उल्लेख किया। उन्होंने राज्य में विकास दर 08 फीसद से अधिक होने का उल्लेख किया।
कनकलता महिला सबलीकरण योजना के जरिए 1,99,705 आत्मसहायक गुट लाभान्वित हुए हैं। 15-18 सौ बच्चियों को 40 हजार रुपये प्रदान किया गया है। असम माला योजना के अधीन 8210 करोड़ रुपये बजट में निर्धारित किया गया है। इसके जरिए रास्ते और सड़कों को उन्नत बनाने पर जोर दिया गया है।
असम दर्शन योजना के अधीन 915 धार्मिक प्रतिष्ठानों को लाभ मिला है। प्रत्येक धार्मिक प्रतिष्ठान को 10 लाख रुपये राज्य सरकार की ओर से प्रदान किये गये हैं। राज्य के 8756 नामघर (मंदिर) को कुल 218 करोड़ रुपये, प्रत्येक नामघर को 2.5 लाख रुपये प्रदान किये गये हैं।
वित्त मंत्री ने बताया कि राज्य में 870 पुलों के निर्माण का कार्य चल रहा है। असम के आधारभूत ढांचे को उन्नत बनाने क लिए 13,501 करोड़ रुपये खर्च किये गये हैं। राज्य में 58 लाख 85 हजार 289 लोगों को एक रुपये की कीमत पर चावल मुहैया कराया गया है। इसके लिए राज्य सरकार ने 767 करोड़ रुपये खर्च किया है।
आगामी 20 फरवरी से पहले ही सरकार चाय श्रमिकों के दैनिक बोनस का निर्धारण करेगी। प्रज्ञान भारती योजना के तहत राज्य के 02 लाख रुपये से कम आय वाले 17 लाख 84 हजार 890 विद्यार्थियों का निःशुल्क विद्यालयों में दाखिला हुआ है। जबकि अब तक इंदिरा मिरि विधवा पेंशन योजना के अधीन एक लाख 70 हजार विधवा महिलाओं को पेंशन का लाभ मिला है।
वित्त मंत्री ने लेखानुदान के दौरान अन्य कई योजनाओं का उल्लेख करते हुए राज्य के विकास के लिए भाजपानीत गठबंधन सरकार द्वारा उठाये गये कदमों की जानकारी दी। बजट पर चर्चा शनिवार को होगी।





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