गुवाहाटी। भारतवर्षीय दिगम्बर जैन (धर्म संरक्षिणी) महासभा की लोअर असम प्रान्तीय समिति ने अपने "समाज के वयोज्येष्ठ व्यक्तियो के सम्मान" के कार्यक्रम के अन्तर्गत दिनांक 16 फरवरी को बसंत पंचमी के दिन दिगम्बर जैन समाज के सर्वाधिक वयोज्येष्ठ व्यक्ति 96 वर्षीय श्री पन्नालाल जी गंगवाल 'हाथीगोला' का सम्मान पान बजार स्थित उनके निवास स्थान में जा कर महासभा के कतिपय विशिष्ट पदाधिकारियों द्वारा किया गया। इन पदाधिकारियों में राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अशोक छाबड़ा, महीपाल पहाडिया, अध्यक्ष कपूर चन्द पाटनी, कार्याध्यक्ष निरंजन गंगवाल, कोषाध्यक्ष महीपाल पाटनी, कार्यवाहक मंत्री सुभाष बडजात्या, संजय रारा, राजेन्द्र अजमेरा, रामचंद्र सेठी सहित कई सदस्य उपस्थित थे।
पन्नालाल जी का परिचय देते हुए कपूर चन्द पाटनी ने कहा कि पन्नालाल जी का भव्य विशाल व्यक्तित्व सघन बट वृक्ष की भांति चिरंतन सद्भाव तथा सौहार्द को प्रस्फुटित करने वाला है। आप में मानवता की भावना, देश- समाज के प्रति प्रगाढ़ स्नेह, कर्तव्य निष्ठा, निरभिमानता, सरल वृत्ति पर दुख कातरता आदि अनेकों ऐसे सदगुण है कि विरोधी विचार धारा वाला व्यक्ति भी बरबस आपके प्रति आकृष्ट हो जाता है। ऐसे महान व्यक्ति का अभिनन्दन करते हुए हम अपने आप को गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं। हम आपके स्वस्थ एवं दीर्घ जीवन की मंगल कामना करते हैं। इस अवसर पर कार्याध्यक्ष निरंजन गंगवाल ने कहा कि जो 90 वर्ष के हो जाते हैं वे स्वत ही एक तीर्थ रूप हो जाते है, इस अवसर पर महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष निर्मल कुमार सेठी ने भी आपको टेलीफोन पर ही हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं प्रेषित की। महासभा के राष्ट्रीय महामंत्री प्रकाश चन्द बडजात्या ने भी आपको हार्दिक अभिनंदन प्रेषित करते हुए आपको "समाज भूषण" की उपाधि से नवाजा। हाथीगोला गंगवाल परिवार के सदस्यों ने भी आपकी प्रशंसा में अपने विचार प्रगट किए। सभा के अन्त में पन्नालाल गंगवाल ने महासभा के सभी पदाधिकारियों को एवं राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अशोक छाबड़ा को तथा महीपाल पहाडिया को सम्मान समारोह के लिए हार्दिक धन्यवाद ज्ञापित किया।












कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें