नई दिल्ली। भारत में पेट्रोल-डीजल की चढ़ती कीमतों को लेकर जमकर सियासत हो रही है। हर दिन इनके दामों में हो रही वृद्धि लोगों की जेब पर भी भारी पड़ रही है लेकिन इसके पीछे की असल वजह क्या है, उसे कोई जानने की कोशिश कोई नहीं कर रहा। आखिर क्यों लगातार बढ़ रही हैं ईंधन की कीमतें, इसपर डालते हैं एक नजर....
दरअसल, दुनिया के सबसे बड़े कच्चे तेल के उत्पादक देश अमेरिका में तेल रिफाइनरियां बंद पड़ी हैं। इसकी वजह भीषण बर्फबारी है। बर्फबारी के कारण टेक्सास राज्य में तेल के कुएं और रिफाइनरी बंद कर दी गई हैं। उधर, यमन के हूती विद्रोहियों के समूह की ओर से सऊदी अरब में हवाई अड्डों पर ड्रोन से हमला करने के दावे के चलते भी कच्चे तेल की कीमतें लगातार ऊपर चढ़ रही हैं।
मंगलवार को ब्रेंट क्रूड 11 सेंट यानी 0.2% बढ़कर 63.41 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। सोमवार को ब्रेंट का दाम जनवरी 2020 के बाद से रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गया था। अमेरिकी पश्चिम टेक्सास इंटरमीडिएट (डब्ल्यूटीआई) क्रूड वायदा 62 सेंट या 1% बढ़कर 60.09 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया।
अमेरिका में बहुत ज्यादा बर्फ पड़ने से सोमवार को टेक्सास के प्राकृतिक गैस और कच्चे पाइपलाइन ऑपरेटरों के काम करने पर रोक लगा दी गई। अमेरिकी ऊर्जा सूचना प्रशासन के आंकड़ों के अनुसार, टेक्सास में प्रति दिन लगभग 46 लाख बैरल तेल का उत्पादन होता है और यहां कुल 31 रिफाइनरीज़ हैं। उधर, यमन के हूती विद्रोहियों के समूह ने दावा किया है कि सोमवार को उसने सऊदी अरब के आभा और जेद्दा हवाई अड्डों पर ड्रोन से हमला किया था, जिसकी वजह से वहां की तेल रिफाइनरियों को बंद कर दिया गया है।
विशेषज्ञों ने उम्मीद जताई है कि जैसे-जैसे अमेरिका में बर्फबारी का दौर थमने लगेगा, कच्चे तेल की रिफाइनरियां फिर से काम करने लगेंगी, जिसके बाद तेल के दामों में स्थिरता आ सकती है। (हि.स)










हमें शर्म आती है देश के विपक्ष तथा कांग्रेस के नेताओं के लिए जो पेट्रोल डीजल के मूल्य वृद्धि का रोना रोते हुए जबकि ऐसा नहीं है कि वे लोग इसकी वजह न जानते हों। असली मकसद जनता को भ्रमित करना व राजनीतिक रोटी सेंकना।
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