गुवाहाटी। श्री भारतवर्षीय दिगम्बर जैन (श्रुत संवर्धनि) महासभा की लोअर असम प्रांतीय समिति द्वारा आज पूर्वोत्तर के वरिष्ठ शिरोमणि संरक्षक सौभाग्यमल पाटौदी का रिहाबाड़ी में आयोजित एक कार्यक्रम में अभिनंदन किया गया। कार्यक्रम का संचालन करते हुए श्री भारतवर्षीय दिगम्बर जैन (श्रुत संवर्धनि) महासभा की लोअर असम प्रांतीय समिति के अध्यक्ष डॉ. (सीए) संतोष कुमार जैन (काला) ने कहा कि खण्डेलवाल जैन समाज की पूर्वोत्तर इकाई द्वारा जल्द ही खण्डेलवाल जैन समाज का संपूर्ण विवरण संकलित करते हुए एक राष्ट्रीय स्तर की पुस्तिका के प्रकाशन का काम हाथ में लिया गया है। कार्यक्रम में दीप प्रज्वलन के बाद तीर्थ संरक्षिणी महासभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष महीपाल पहाडिय़ा ने अपने संबोधन में कहा कि तीर्थ संरक्षिणी महासभा द्वारा संपूर्ण भारतवर्ष के 600 मंदिरों के जीर्णोद्धार का कार्य किया जा चुका है तथा अन्य 125 मंदिरों के जीर्णोद्धार का कार्य जारी है। उन्होंने कहा कि पूर्वोत्तर में भी जैन धर्म का काफी प्राचीन इतिहास है, लेकिन सूर्य पहाड़ के अलावा अन्य किसी भी पहाड़ पर उसके अतीत के स्वर्णिम अध्याय को उद्घाटित करने का प्रयास नहीं किया गया है।
इस अवसर पर अपने संबोधन में महासभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व जैन गजट के पूर्व मुख्य संपादक कपूरचंद पाटनी ने निर्मल कुमार सेठी के धर्मसंरक्षिणी महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद हुई प्रगति के बारे में सभा को अवगत कराया। सभा में श्रुत संवॢधनी महासभा के शिरोमणि संरक्षक बनने पर विशिष्ट समाजसेवी, धर्मपरायण सौभाग्यमल पाटौदी का शॉल, साफा व मानपत्र भेंटकर स्वागत किया गया। (श्रुत संवर्धनि) महासभा की लोअर असम शाखा के प्रांतीय महामंत्री जीवराज जैन ने श्री पाटौदी का जीवन परिचय प्रस्तुत करने के साथ ही धन्यवाद ज्ञापन भी किया। श्री पाटौदी ने महासभा के सभी पदाधिकारियों व उपस्थित जनसमूह का उनके सम्मान हेतु धन्यवाद ज्ञापन किया।










कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें