एक चाय वाला आपके दर्द को नहीं समझेगा, तो कौन समझेगा: पीएम मोदी - Rise Plus

NEWS

Rise Plus

असम का सबसे सक्रिय हिंदी डिजिटल मीडिया


Post Top Ad

एक चाय वाला आपके दर्द को नहीं समझेगा, तो कौन समझेगा: पीएम मोदी



डिब्रूगढ़। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को डिब्रूगढ़ के चाबुआ में एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि एक चाय वाला आपके दर्द को नहीं समझेगा, तो कौन समझेगा! 


उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा, कि दो-तीन दिन पहले श्रीलंका की एक फोटो दिखाते हुए उसे असम का बताया गया था। जबकि, कुछ दिन पहले ताइवान की फोटो दिखाकर उसे असम का बताया गया था। गलती एक बार होती है, बार-बार दोहराया जाना आदत बन जाती है। यह असम का अपमान नहीं तो क्या है! 


डिब्रूगढ़ के चाबुआ में आयोजित एक चुनावी जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि कांग्रेस असम की संस्कृति और यहां के तौर तरीकों को भूल चुकी है।


उन्होंने कहा, मैं असम में या पूर्वोत्तर के राज्यों में जाता हूं तो मुझे वहां की संस्कृति से जुड़ने पर गर्व होता है। मुझे असमिया गमछा पहनाया गया है, मुझे गर्व होता है। कांग्रेस इसका भी मजाक उड़ाती है। 


एआईयूडीएफ का नाम लिए बिना उहोंने कहा, कांग्रेस ने उस पार्टी के साथ गठबंधन किया है, जो असम की संस्कृति के लिए बहुत बड़ा खतरा है। जबकि, असम का गौरव बढ़ाते हुए असम के हर क्षेत्र, हर वर्ग का विकास करना भाजपा की प्राथमिकता है। असम की संस्कृति, यहां के गौरव पर आंच न आए, यह हमारी प्रतिबद्धता है। असम के नौजवानों को नये अवसर देने, असम में उद्योग को बढ़ाने के लिए लिए नये अवसर देने, महिलाओं, किसानों की आय बढ़ाने के लिए हमारी सरकार निरंतर काम कर रही है।


उन्होंने कहा, यहां की एनडीए की सरकार ने चाय कर्मियों को मूल सुविधाएं देने के साथ ही उनके बेहतर भविष्य के लिए दिनरात काम किया है। एक तरफ जहां बैंक खातों में मदद पहुंचायी जा रही है, दूसरी तरफ पढ़ाई, कमाई, दवाई के लिए उत्तम प्रबंध किये जा रहे हैं। बच्चों की पढ़ाई को जारी रखने के लिए हजारों रुपये का ग्रांट दिया गया है। 


प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि चाय बागानों के पास 125 से अधिक स्कूल खोले गये हैं। अस्पतालों की सुविधाएं विकसित की जा रही है। गर्भवती महिलाओं व उनके बच्चों के लिए हजारों रुपये उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इसी तरह पक्के घर हो, शौचालय हो, पेयजल, जमीन का पट्टा आदि काम डबल इंजन की सरकार तेजी से कर रही है।


जनसभा में प्रधानमंत्री ने कहा, इस बार के केंद्रीय बजट में एक हजार करोड़ रुपये की बहुत बड़ी राशि सिर्फ चाय बागान में काम करने वालों के लिए रखी गयी है। यह हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। चाय बागान में काम करने वाले साथियों की दैनिक मजदूरी बढ़ाने के लिए एनडीए सरकार प्रतिबद्ध है। 


इसी क्रम में नरेन्द्र मोदी ने कहा, मैं इस बात की सराहना करता हूं, कि असम सरकार ने बीते दो-तीन वर्षों में चाय श्रमिकों की मजदूरी में बढ़ोत्तरी की है। लेकिन, हमारे इस प्रयास को अदालत में ले जाया गया। इसका लाभ उठाकर कर विपक्ष पूरी तरह से झूठ व भ्रम फैला रहे हैं।


आगे उन्होंने कहा, ये वहीं लोग हैं (कांग्रेस) जिन्होंने चाय बागान में काम करने वाले लोगों के लिए कुछ नहीं किया। ये पहले भी झूठ बोलते थे। आज भी झूठ बोल रहे हैं। एक चाय वाला (अपनी ओर इशारा करते हुए कहा) आपके दर्द को नहीं समझेगा, तो कौन समझेगा। मैं, विश्वास दिलाता हूं कि चाय बागान में काम करने वाले साथियों का जीवन स्तर सुधारने के लिए काम और तेज किया जाएगा।

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

नियमित रूप से WhatsApp पर हमारी खबर प्राप्त करने के लिए दिए गए 'SUBSCRIBE' बटन पर क्लिक करें

Narendra Soni
Click or tap on the image to maximize
Rock n Dhol
Click or tap on the image to maximize
Rise Plus
Click or tap on the image to maximize
Live Telecast
Click or tap on the image to maximize
WhatsApp
Click or tap on the image to maximize
× Enlarged Image ```