डिब्रूगढ़। असम विधानसभा चुनाव के मद्देनजर कांग्रेस पार्टी का प्रचार करने के लिए दो दिवसीय दौरे पर कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी शुक्रवार को डिब्रूगढ़ पहुंचे जहां पर उनका कांग्रेस के नेताओं ने जोरदार स्वागत किया। असम दौरे की शुरुआत उन्होंने डिब्रूगढ़ के लाहोवाल स्थिति एक शिक्षण संस्थान में विद्यार्थियों के साथ चर्चा में हिस्सा लेते हुए की।
सौहार्दपूर्ण माहौल में विद्यार्थियों से चर्चा करते हुए राहुल गांधी ने सामाजिक संस्कार के मामले में विद्यार्थियों की भूमिका की सराहना की। साथ ही सत्ताधारी पार्टी भाजपा की आलोचना करते हुए कहा भाजपा समाज में घृणा पैदा कर रही है। समाज को बांटने में जुटी हुई है। उन्होंने कहा कि कोई भी धर्म समाज में घृणा फैलाने के लिए नहीं कहता है। उन्होंने कहा कि आरएसएस की शक्ति पूरे देश को संचालित करने की मंशा रखती है। राहुल गांधी ने कहा कि 25 लाख बेरोजगारों को रोजगार देने का आश्वासन देने वाली भाजपा के बदले कांग्रेस पांच लाख बेरोजगारों को रोजगार देने की गारंटी देती है।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी के डिब्रूगढ़ में पहुंचने के चलते ऊपरी असम के कांग्रेसी कार्यकर्ताओं में व्यापक उत्साह देखा गया। विधानसभा चुनाव के मद्देनजर शुक्रवार को डिब्रूगढ़ के लाहोवाल में विद्यार्थियों के साथ उन्होंने चर्चा कर विद्यार्थियों के प्रश्नों का उत्तर दिया। डिब्रूगढ़ हवाई अड्डे पर पहुंचने के तुरंत बाद वे लाहोवाल के मटक चाय बागान खेल मैदान पहुंचे और विभिन्न शिक्षण संस्थानों के विद्यार्थियों से परिचर्चा की। परिचर्चा कार्यक्रम में लाहोवाल विधानसभा क्षेत्र के साथ ही ऊपरी असम के विभिन्न क्षेत्रों से आए विद्यार्थियों ने भी हिस्सा लिया।
विद्यार्थियों से बातचीत करते हुए राहुल गांधी ने केंद्र सरकार के साथ ही असम सरकार पर भी तंज किया। उन्होंने सवालिया लहजे में कहा कि जिस तरह से मैं विद्यार्थियों के सवालों का उत्तर दे रहा हूं क्या कभी यहां के मुख्यमंत्री ने ऐसा किया है। उन्होंने अन्य कई बातों को विद्यार्थियों के सामने रखते हुए उनके सवालों का उत्तर देने के साथ ही स्वयं विद्यार्थियों से प्रश्न पूछते नजर आए। इस मौके पर काफी संख्या में विद्यार्थी मौजूद थे। चुनाव के दौरान असम में युवाओं की भागीदारी को समझते हुए यूथ आईकॉन के रूप में राहुल गांधी ने युवाओं से उनके मनोभावों को जानने की कोशिश की।
इस मौके पर प्रदेश कांग्रेस के प्रभारी जितेंद्र सिंह, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, असम प्रदेश चुनाव कमेटी के अध्यक्ष प्रद्युत बरदलै समेत अन्य कई नेता मौजूद थे।








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