कांग्रेस के कद्दावर नेता व पूर्व मंत्री डॉ अधेंदू कुमार दे जिन्होंने अपनी नाराजगी व्यक्त करते हुए हालही में कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया है, ने आज राइज प्लस से विशेष बातचीत में यह स्पष्ट किया कि उन्होंने कांग्रेस से इस्तीफे के बाद अभी तक किसी अन्य पार्टी का दामन नहीं हैं।
दे ने बताया शुक्रवार सांय भाजपा के उम्मीदवार रामकृष्ण घोष, जिला अध्यक्ष अनूप कुमार देव, पूर्व जिला अध्यक्ष अर्जुन मजूमदार और जिला परिषद की सभानेत्री रामाबाला देवी नामांकन से पूर्व उनके आवास पर उनसे मिलने व आशीर्वाद लेने आए थे और उन्होंने अपना कर्तव्य समझते हुए श्री घोष को विजई भवा का आशीर्वाद दिया।
उल्लेखयोग्य है कि, इस मुलाकात के तुरंत बाद समाजिक माध्यमों में उनकी मुलाकात की तस्वीरें काफी वायरल हो गई है और डॉ अधेंदू कुमार दे के भाजपा में शामिल होने की बातें चर्चा में आ रही हैं परंतु इन सब बातों/ अटकलों पर फिलहाल राइज प्लस से बात करते हुए डॉ अधेंदू कुमार दे ने विराम लगा दिया है।
हालांकि कि उन्होंने कहा कि ऐसी तस्वीरों से अगर भाजपा के उम्मीदवार रामकृष्ण घोष को फायदा होता है तो यह बहुत ही खुशी की बात है। उन्होंने कांग्रेस के होजाई के उम्मीदवार देवव्रत शाह को आड़े हाथ लेते हुए कहा जो इतने दिनों तक मेरे साथ कांग्रेस में रहा वह तो मुझसे आशीर्वाद लेने भी नहीं पहुंचा, आज भाजपा व कांग्रेस की नीति में रात दिन का अंतर है।
उन्होंने असम वासियों से निवेदन किया कि कांग्रेस जैसी पार्टी को वोट ना दें जो ऐसी पार्टिय एआईयूडीएफ के साथ गठबंधन करती है जो भारत व असम को इस्लामिक राष्ट्र बनाने का सपना देखती है। उन्होंने कहा इस चुनाव के बाद कांग्रेस पूर्ण रूप से खत्म हो जाएगी और उसकी शमशान यात्रा प्रारंभ हो जाएगी।
वहीं होजाई विधानसभा क्षेत्र में राजनीतिक उथल-पुथल को लेकर सवाल के जवाब में-
डॉ दे ने कहा जो भी उम्मीदवार समाज के उत्थान के लिए कार्य करने में सक्षम होगा उसे ही जनता को चुनना चाहिए और मुझे लगता है भाजपा के रामकृष्ण घोष होजाई क्षेत्र के लिए एक उपयुक्त उम्मीदवार हैं।
वही शिलादित्य देव के निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में ना खेलने पर डॉ दे ने कहा यह भाजपा के लिए अच्छे संकेत है कि देव निर्दलीय नहीं खेल रहे हैं और पार्टी में बने हुए हैं।




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